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नीतिवचन 29:18

ईश्वरीय प्रकाशन के अभाव में लोग अराजक हो जाते हैं, पर धन्य है वह जो व्यवस्था का पालन करता है।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: नीतिवचन 29

15छड़ी और डाँट से बुद्धि प्राप्त होती है, परन्तु जो बच्चा अपनी मनमानी करता है वह अपनी माता की लज्जा का कारण होता है।

16जब दुष्ट लोगों की बढ़ती होती है तो अपराध भी बढ़ता है, पर धर्मी लोग उनके पतन को देखेंगे।

17अपने पुत्र की ताड़ना कर, और उससे तुझे सुख मिलेगा। वह तेरे प्राण को भी आनन्दित करेगा।

18ईश्वरीय प्रकाशन के अभाव में लोग अराजक हो जाते हैं, पर धन्य है वह जो व्यवस्था का पालन करता है।

19दास तो केवल शब्दों के द्वारा नहीं सुधरता, क्योंकि समझते हुए भी वह नहीं मानता।

20क्या तू ऐसे मनुष्य को देखता है जो बोलने में उतावली करता है? उससे अधिक तो मूर्ख ही से आशा है।

21जो अपने दास का पालन-पोषण उसके बचपन से ही लाड़-प्यार से करता है, वह जान ले कि यही अंत में उसका पुत्र बन बैठेगा।

पूरा अध्याय पढ़ें: नीतिवचन 29

संबंधित पद

  • याकूब 1:25

    परन्तु जो व्यक्ति स्वतन्त्रता की सिद्ध व्यवस्था को लगन से देखता रहता है और उस पर बना रहता है, वह सुन कर भूल नहीं जाता, वरन् फलप्रद कार्य करता है-इसलिए वह आशिज पाएगा।

  • लूका 11:28

    परन्तु उसने कहा, “इसके विपरीत धन्य हैं वे जो परमेश्वर का वचन सुनते और उसका पालन करते है।”

  • होशे 4:6

    अज्ञानता के कारण मेरी प्रजा नष्ट हो जाती है। इसलिए कि तूने ज्ञान को अस्वीकार किया है, मैं भी तुझे अपना याजक होने से अस्वीकार कर दूंगा। इसलिए कि तू अपने परमेश्वर की व्यवस्था को भूल गया है, मैं भी तेरी सन्तान को भूल जाऊंगा।

  • यूहन्ना 13:17

    तुम इन बातों को जानते हो-यदि उनपर चलो तो तुम धन्य हो।

  • नीतिवचन 19:16

    जो आज्ञा का पालन करता है, वह अपने प्राण की रक्षा करता है, परन्तु जो अपने चाल-चलन के प्रति लापरवाह है, वह मरेगा।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).