भजन संहिता 115:1
हे यहोवा, हमारी नहीं, हमारी नहीं, वरन् अपने ही नाम की महिमा, अपनी करुणा और सच्चाई के निमित्त कर।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: भजन संहिता 115
1हे यहोवा, हमारी नहीं, हमारी नहीं, वरन् अपने ही नाम की महिमा, अपनी करुणा और सच्चाई के निमित्त कर।
2जाति-जाति के लोग क्यों कहने पाएं कि अब उनका परमेश्वर कहां है?
3परन्तु हमारा परमेश्वर तो स्वर्ग में हैं; जो कुछ वह चाहता है, करता है।
4उनकी मूर्तियां सोना-चांदी ही तो हैं, वे मनुष्यों के हाथ के काम है।
संबंधित पद
- यशायाह 48:11
अपने निमित्त, हां, अपने ही निमित्त मैं यह करूंगा। मेरा नाम क्योंकर अपवित्र ठहरे? मैं अपनी महिमा दूसरे को नहीं दूंगा।
- यहेजकेल 20:14
परन्तु ऐसा मैंने अपने नाम के निमित्त किया, जिससे मेरा नाम उन जातियों की दृष्टि में जिनके देखते मैं उनको निकाल ले आया अपवित्र न ठहरे।
- यहेजकेल 36:32
प्रभु यहोवा की यह वाणी है कि तुम्हें यह मालूम हो कि मैं तुम्हारे लिए नहीं कर रहा हूं; हे इस्राएल के घराने, अपने चाल-चलन के लिए लज्जित और विस्मित होओ!”
- इफिसियों 1:6
कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्तुति हो जिसे उसने हमें उस अति प्रिय में सेंतमेंत दिया।
Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).