भजन संहिता 127:1
यात्रा का गीत। सुलैमान का। यदि घर को यहोवा ही न बनाए, तो बनाने वाले व्यर्थ परिश्रम करते है। जब तक यहोवा ही नगर की रक्षा न करे, तो पहरेदार का जागना व्यर्थ है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: भजन संहिता 127
1यात्रा का गीत। सुलैमान का। यदि घर को यहोवा ही न बनाए, तो बनाने वाले व्यर्थ परिश्रम करते है। जब तक यहोवा ही नगर की रक्षा न करे, तो पहरेदार का जागना व्यर्थ है।
2तुम्हारा तड़के उठना, देर से विश्राम करना, और परिश्रम की रोटी खाना, तुम्हारे लिए व्यर्थ है, क्योंकि वह अपने प्रियों को तो यूं ही नींद प्रदान करता है।
3देखो, बच्चे यहोवा के दिये हुए दान हैं, गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।
4जैसे वीर के हाथ में तीर, वैसे ही जवानी की सन्तान होती है।
संबंधित पद
- नीतिवचन 16:9
मनुष्य अपने हृदय में युक्तियां बनाता है, परन्तु यहोवा ही उसके पग को निश्चित करता है।
- 1 कुरिन्थियों 3:7
अतः न तो बोने वाला कुछ है, और न ही सींचने वाला, परन्तु बढ़ाने वाला परमेश्वर ही सब कुछ है।
- नीतिवचन 21:30–31
ऐसी कोई बुद्धि, कोई समझ और कोई सम्मति नहीं जो यहोवा के विरुद्ध ठहर सके।
- 1 कुरिन्थियों 3:9–15
क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर का खेत हो और परमेश्वर का भवन हो।
Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).