पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 132 / 150
भजन संहिता 132
1यात्रा का गीत। हे यहोवा, दाऊद के लिए, उसकी सब विपत्ति को स्मरण कर;
2उसने यहोवा से कैसे शपथ खाई, और याकूब के सर्वशक्तिमान की मन्नत मानीः
3“निश्चय, मैं तब तक अपने घर में प्रवेश न करूंगा, न अपने पलंग पर लेटूंगा,
4न अपनी आंखों में नींद और न पलकों में झपकी आने दूंगा,
5जब तक कि यहोवा के लिए मैं एक स्थान अर्थात् याकूब के सर्वशक्तिमान के लिए एक निवासस्थान प्राप्त न कर लू।”
6देखो, हमने एप्राता में इसकी चर्चा सुनी है, यह हमें याआर के मैदान में मिली है।
7आओ, हम उसके निवासस्थान में प्रवेश करें; हम उसके चरणों की चौकी के सामने दण्डवत् करें!
8हे यहोवा, उठकर अपने विश्राम-स्थान में अपने सामर्थ्य के सन्दूक सहित आ।
9तेरे याजक धार्मिकता धारण किए रहें, और तेरे भक्त जय-जयकार करते रहे।
10अपने सेवक दाऊद के निमित्त अपने अभिषिक्त की अनसुनी न कर।
11यहोवा ने दाऊद से शपथ खाई है, इस सत्य से वह न फिरेगाः “तेरे निज पुत्र को मैं तेरी गद्दी पर बैठाऊंगा।
12यदि तेरे वंशज मेरी वाचा का, और उन चेेतावनियों का पालन करेंगे जो मैं उन्हें सिखाऊंगा तो उनके वंशज भी तेरी गद्दी पर सदैव बैठते रहेंगे।”
13क्योंकि यहोवा ने सिय्योन को चुन लिया है; उसने अपने निवास के लिए इसे चाहा है।
14“यह तो सदा के लिए मेरा विश्रामस्थान है, मैं यहीं रहूंगा क्योंकि मैंने इसे चाहा है।
15मैं इसकी भोजन-वस्तु पर बहुत आशीष दूंगा; मैं इसके गरीबों को रोटी से तृप्त करूंगा।
16मैं इसके याजकों को उद्धार का वस्त्र पहनाऊंगा; और इसके भक्त आनन्द से जय-जयकार करेंगे।
17वहां मैं दाऊद का एक सींग उगाऊंगा; मैंने अपने अभिषिक्त के लिए एक दीपक तैयार किया है।
18उसके शत्रुओं को तो मैं लज्जा का वस्त्र पहनाऊँगा; परन्तु उस पर उसी का मुकुट शोभायमान होगा।”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)