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पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 143 / 150

भजन संहिता 143

1दाऊद का भजन। हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन, मेरी विनती पर कान लगा! अपनी विश्वसनीयता और धार्मिकता में मुझे उत्तर दे।

2अपने दास पर मुकदमा न चला, क्योंकि तेरी दृष्टि में कोई भी मनुष्य धर्मी नही।

3क्योंकि शत्रु ने मेरे प्राण को सताया है; उसने मेरा जीवन चूर-चूर करके मिट्टी में मिला दिया है। उसने मुझे बहुत दिन के मरे हुओं के समान अन्धेरे स्थानों में डाल दिया है।

4इसलिए मेरी आत्मा मुझमें मूर्च्छित हो गई है; और मेरा हृदय मुझमें अति व्याकुल है।

5मैं प्राचीनकाल के दिन स्मरण करता हूं, मैं तेरे सब कामों पर मनन करता हूं; मैं तेरे हाथों के कामों पर ध्यान करता हू।

6मैं अपने हाथ तेरी ओर फैलाता हूं; मेरा प्राण सूखी भूमि की तरह तेरा प्यासा है। सेला।

7हे यहोवा, मुझे शीघ्र उत्तर दे, मेरी आत्मा मूर्च्छित हो चली; अपना मुख मुझसे न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कब्र में जाने वालों के समान हो जाऊ।

8प्रातःकाल मुझे अपनी करुणा के वचन सुना; क्योंकि मैं तुझ पर भरोसा रखता हूं; मुझे उस मार्ग की शिक्षा दे जिसमें मुझे चलना चाहिए; क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हू।

9हे यहोवा, मेरे शत्रुओं से मुझे छुड़ा, मैं तुझी में शरण लेता हू।

10मुझे सिखा कि मैं तेरी इच्छा कैसे पूरी करूं; क्याेंकि तू मेरा परमेश्वर है, तेरा भला आत्मा मुझे सीधे मार्ग पर ले चले।

11हे यहोवा, अपने नाम के निमित्त मुझे जिला, अपनी धार्मिकता में मेरे प्राण को संकट से छुड़ा।

12और अपनी करुणा के कारण मेरे शत्रुओं को काट डाल, और मेरे प्राण के सताने वालों का सर्वनाश कर, क्योंकि मैं तेरा दास हू।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)