भजन संहिता 42:11
हे मेरे प्राण, तू निराश क्यों है? और भीतर ही भीतर तू व्याकुल क्यों? परमेश्वर पर आस लगाए रह- क्योंकि उसकी उपस्थिति रूपी सहायता के कारण मैं पुनः उसकी स्तुति करूंगा। जो मेरा उद्धारकर्ता, मेरा परमेश्वर है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: भजन संहिता 42
8दिन को तो यहोवा अपनी करुणा दिखाएगा, और रात को मैं उसका गीत गाऊँगा, अपने जीवन के परमेश्वर से प्रार्थना करूंगा।
9मैं परमेश्वर से जो मेरी चट्टान है कहूँगाः “तू मुझे क्यों भूल गया? मैं शत्रु के अन्धेर के कारण क्यों विलाप करता-फिरता हूं?”
10मेरे शत्रु मेरी निन्दा करते हैं, मानो मेरी हड्डियां चूर-चूर कर देते है। वे दिन भर मुझसे कहते रहते हैं, “कहां है तेरा परमेश्वर?”
11हे मेरे प्राण, तू निराश क्यों है? और भीतर ही भीतर तू व्याकुल क्यों? परमेश्वर पर आस लगाए रह- क्योंकि उसकी उपस्थिति रूपी सहायता के कारण मैं पुनः उसकी स्तुति करूंगा। जो मेरा उद्धारकर्ता, मेरा परमेश्वर है।
संबंधित पद
- यिर्मयाह 30:17
यहोवा कहता है, ‘मैं तुझे स्वस्थ करूंगा, मैं तेरे घावों को चंगा करूंगा, क्योंकि उन्होंने यह कहकर तुझे त्यागी हुई कहा है कि वह तो सिय्योन है, उसकी चिन्ता करने वाला कोई नहीं’।”
- यिर्मयाह 33:6
देखो, मैं इन नगर को स्वास्थ्य और चंगाई दूंगा और मेैं उनको चंगा करूंगा, और मैं उन पर सच्चाई और शान्ति को बहुतायत से प्रकट करूंगा।
- मत्ती 9:12
परन्तु जब उसने यह सुना तो कहा, “भले चंगों को चिकित्सक की आवश्यकता नहीं, परन्तु बीमारों को होती है।
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