पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 43 / 150
भजन संहिता 43
1हे परमेश्वर, मुझे निर्दोष सिद्ध कर और विधर्मी जाति के विरुद्ध मेरा मुकदमा लड़; मुझे छली और अन्यायी पुरुष के हाथों से छुड़ा।
2तू ही तो परमेश्वर मेरा सामर्थ्य है- तूने मुझे क्यों त्याग दिया है? मैं शत्रु के अन्धेर के कारण क्यों विलाप करता-फिरता हूं?
3अपनी ज्योति और अपनी सच्चाई को भेजकृवे मेरी अगुवाई करें; वे ही मुझे तेरे पवित्र पर्वत पर, तेरे निवासस्थान पर पहुंचाए।
4तब मैं परमेश्वर की वेदी के पास जाऊंगा, परमेश्वर के पास जो मेरा असीम आनन्द है, और हे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, मैं वीणा बजा-बजाकर तेरी स्तुति करूंगा।
5हे मेरे प्राण, तू निराश क्यों है? और भीतर ही भीतर तू व्याकुल क्यों? परमेश्वर पर आस लगाए रह- मैं तो उसकी स्तुति करूंगा जो मेरा उद्धारकर्ता, मेरा परमेश्वर है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)