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पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 61 / 150

भजन संहिता 61

1हे परमेश्वर, मेरी पुकार सुन, मेरी प्रार्थना पर ध्यान दे।

2जब मेरा हृदय डूबा जाता हो तब मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूँगा, मुझे उस चट्टान पर ले चल जो मुझसे ऊंची है।

3क्योंकि तू मेरा शरणस्थान रहा है, और शत्रु के विरुद्ध एक दृढ़ गढ़।

4मैं सर्वदा तेरे तम्बू में वास करूं, मैं तेरे पंखों की आड़ में शरण लू। सेला।

5हे परमेश्वर, तूने मेरी मन्नते सुनी हैं; तूने मुझे वही मीरास दी है जो तेरा भय मानने वालों को मिलती है।

6तू राजा को दीर्घायु करेगा, उसके वर्ष कई पीढ़ियों के बराबर होंगे।

7वह परमेश्वर के सम्मुख सदा बना रहेगा, तू अपनी करुणा और सच्चाई को उसकी रक्षा के लिए नियुक्त कर।

8इस प्रकार मैं सर्वदा तेरे नाम का भजन गा-गाकर अपनी मन्नतें प्रतिदिन पूरी किया करूंगा।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)