पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 86 / 150
भजन संहिता 86
1दाऊद की प्रार्थना। हे यहोवा, अपना कान लगा और मुझे उत्तर दे, क्योंकि मैं पीिड़त और दरिद्र हू।
2मेरे प्राण को सुरक्षित रख, क्योंकि मैं भक्त हूं; हे मेरे परमेश्वर, अपने दास का जो तुझ पर भरोसा रखता है, उद्धार कर।
3हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं दिन भर तेरी दुहाई देता हू।
4अपने दास के प्राण को हर्षित कर, क्योंकि हे प्रभु, मैं अपना प्राण तेरी ओर उठाता हूँ।
5क्योंकि हे प्रभु, तू भला है और क्षमा करने को तत्पर रहता है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सबके लिए तू अति करुणामय है।
6हे यहोवा, मेरी प्रार्थना पर कान लगा, और मेरे गिड़गिड़ाने को ध्यान से सुन।
7मैं अपने संकट के दिन तुझे पुकारूंगा, क्योंकि तू मुझे उत्तर देगा।
8हे प्रभु, देवताओं में तेरे तुल्य कोई भी नहीं, न ही तेरे कार्यों के समान किसी और के कार्य है।
9हे प्रभु, समस्त जातियां जिनको तूने बनाया है आकर तेरे सम्मुख दण्डवत् करेंगी और तेरे नाम की महिमा करेंगी।
10क्योंकि तू महान् है और अद्भुत कार्य करता है; केवल तू ही परमेश्वर है।
11हे यहोवा, मुझे अपने मार्ग की शिक्षा दे; मैं तेरी सच्चाई पर चलूंगा; मेरे हृदय को एकाग्र-चित्त कर कि मैं तेरे नाम का भय मानू।
12हे प्रभु परमेश्वर, मैं अपने सम्पूर्ण हृदय से तुझेे धन्यवाद दूंगा, और सर्वदा तेरे नाम की महिमा करूंगा।
13क्योंकि मुझ पर तेरी करुणा महान् है; तूने मेरे प्राण को अधोलोक के गहरे गड्हे से उबारा है।
14हे परमेश्वर, अहंकारी मनुष्य मेरे विरुद्ध उठ खड़े हुए हैं, उपद्रवियों का झुंड मेरे प्राण के पीछे पड़ा है, उन्होंने तुझे अपने सम्मुख नहीं रखा है।
15परन्तु हे प्रभु, तू दयालु और अनुग्रहकारी परमेश्वर है, क्रोध करने में धीमा और करुणा और सच्चाई से परिपूर्ण है।
16मेरी ओर फिर कर मुझ पर अनुग्रह कर, अपने सेवक को अपना सामर्थ्य प्रदान कर, और अपनी दासी के पुत्र का उद्धार कर।
17मुझे अपनी भलाई का एक चिह्न दिखा, कि वे जो मुझसे बैर रखते हैं देख कर लज्जित हों, क्योंकि हे यहोवा, तू ही ने मेरी सहायता की और मुझे शान्ति दी है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)