भजन संहिता 86:5
क्योंकि हे प्रभु, तू भला है और क्षमा करने को तत्पर रहता है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सबके लिए तू अति करुणामय है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: भजन संहिता 86
2मेरे प्राण को सुरक्षित रख, क्योंकि मैं भक्त हूं; हे मेरे परमेश्वर, अपने दास का जो तुझ पर भरोसा रखता है, उद्धार कर।
3हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं दिन भर तेरी दुहाई देता हू।
4अपने दास के प्राण को हर्षित कर, क्योंकि हे प्रभु, मैं अपना प्राण तेरी ओर उठाता हूँ।
5क्योंकि हे प्रभु, तू भला है और क्षमा करने को तत्पर रहता है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सबके लिए तू अति करुणामय है।
6हे यहोवा, मेरी प्रार्थना पर कान लगा, और मेरे गिड़गिड़ाने को ध्यान से सुन।
7मैं अपने संकट के दिन तुझे पुकारूंगा, क्योंकि तू मुझे उत्तर देगा।
8हे प्रभु, देवताओं में तेरे तुल्य कोई भी नहीं, न ही तेरे कार्यों के समान किसी और के कार्य है।
संबंधित पद
- योएल 2:13
अपने वस्र नहीं, अपना मन ही फाड़कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो, क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला करफ़णा-निधान है और दुख देकर हाथ रोक लेता है।
- निर्गमन 34:6
उस समय यहोवा उसके आगे-आगे यह प्रचार करता हुआ चलाः “यहोवा, यहोवा परमेश्वर, दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीमा, और करुणा तथा सत्य से भरपूर;
- नहेमायाह 9:17
और उन्होंने सुनने से इनकार किया, और जो आश्चर्यकर्म तूने उनके बीच किए थे उनका स्मरण न किया। उन्होंने हठीले बनकर एक अगुवे को नियुक्त किया कि मिस्र के दासत्व में लौट जाए। परन्तु तू क्षमा करने वाला, अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से कोप करने वाला, और अति करुणामय परमश्ेवर है, और तूने उनको त्याग नहीं दिया।
- प्रेरितों के काम 2:21
और ऐसा होगा कि जो कोई प्रभु का नाम लेगा वह उद्धार पाए्रगा।’
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