पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 88 / 150
भजन संहिता 88
1हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर यहोवा, मैं तेरे समक्ष रात-दिन पुकारता रहता हू।
2मेरी प्रार्थना तेरे सम्मुख पहुँचे; मेरी पुकार की ओर कान लगा!
3क्योंकि मेरा प्राण संकटों से भरा हुआ है, मेरा जीवन अधोलोक के समीप पहुँच गया है।
4मेरी गणना कब्र में जाने वालों में हो रही है, मैं बलहीन पुरुष के समान हो गया हूं,
5अर्थात् मृतकों के साथ त्यागा हुआ उनके समान हूं जो घात होकर कब्र में पड़े रहते है, जिन्हें तू कभी स्मरण नहीं करता, और जिन पर से तेरा हाथ उठ गया है।
6तूने मुझे अथाह गड्हे में, अन्धकारमय गहराई में डाल दिया है।
7तेरा प्रकोप मुझ पर बना हुआ है, तूने अपनी सब तरंगों से मुझे पीड़ित किया है। सेला।
8तूने मेरे परिचितों को मुझसे दूर कर दिया है, उनकी दृष्टि में तूने मुझे घृणा का पात्र बना दिया है; मैं बन्दी हूँ और निकल नहीं सकता।
9क्लेश सहते-सहते मेरी आंखें धुंधला गई हैं; हे यहोवा, मैंने तुझे प्रतिदिन पुकारा है; मैंने अपने हाथ तेरी ओर फैलाए है।
10क्या तू मुर्दों के लिए अद्भुत कार्य करेगा? क्या मृतक उठकर तेरी स्तुति करेंगे? सेला।
11क्या तेरी करुणा का वर्णन क़ब्र में, तेरी विश्वासयोग्यता का वर्णन अधोलोक में किया जाएगा?
12क्या तेरे अद्भुत कार्य अन्धकार में और तेरी धार्मिकता विस्मृति के देश में प्रकट की जाएगी?
13परन्तु हे यहोवा, मैंने तुझे सहायता के लिए पुकारा है, और भोर को मेरी प्रार्थना तेरे सम्मुख पहुंचती है।
14हे यहोवा, तू मुझे क्यों त्यागे रहता है? तू अपना मुंह मुझसे क्यों छिपाए रहता है?
15मैं पीड़ित हूँ और जवानी से ही अधमुआ हूँ, तेरे आतंक से भयभीत हूँ, व्याकुल हूँ।
16तेरे क्रोध की लपटें मुझ पर से निकलती हैं, तेरे आतंक ने मुझे नष्ट कर दिया है।
17उन्होंने मुझे दिन-भर जल के समान घेर रखा है, मैं उनसे पूरी तरह घिरा हुआ हूँ।
18तूने मेरे प्रेमियों और मित्रों को मुझसे दूर कर दिया है; मेरे परिचित अन्धकार में पड़े है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)