नया नियम · प्रकाशितवाक्य · अध्याय 17 / 22
प्रकाशितवाक्य 17
1जिन सात स्वर्गदूतों के पास सात कटोरे थे उनमें से एक ने आकर मुझ से कहा, “यहां आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या के दंड को दिखाऊंगा जो बहुत-से जल पर बैठी है,
2जिसके साथ पृथ्वी के राजाओं ने व्यभिचार किया और जिसके व्यभिचार की मदिरा से पृथ्वी के रहनेवाले मतवाले हो गए।”
3तब वह आत्मा में मुझे एक निर्जन प्रदेश मेें ले गया जहां मैंने एक स्त्री को किरमिजी रंग के एक पशु पर बैठे देखा जो निन्दा के नामों से भरा हुआ था, जिसके सात सिर और दस सींग थे।
4वह स्त्री बैंजनी और किरमिजी रंग के वस्त्र पहिने तथा सोने, बहुमूल्य रत्नों और मोतियों से सुसज्जित थी, और वह अपने हाथ में एक सोने का कटोरा लिए थी जो उसके व्यभिचार की अशुद्ध और घृणित वस्तुओं से भरा था।
5उसके माथे पर एक नाम अर्थात् एक भेद लिखा था, “महान् बाबुलः वेश्याओं और पृथ्वी की घृणित वस्तुओं की जननी।”
6मैंने उस स्त्री को पवित्र लोगों के लहू और यीशु के साक्षियों के लहू से मतवाली देखा। उसे देखकर मैं अत्यन्त चकित हुआ।
7तब उस स्वर्गदूत ने मुझ से कहा, “तू क्यों चकित होता है? मैं तुझे उस स्त्री और उस पशु का, जिस पर वह सवार है, जिसके सात सिर और दस सींग हैं, रहस्य बताऊंगा।
8जिस पशु को तू ने देखा, वह था तो, परन्तु अब नहीं है। वह अथाह कुंड से अपने विनाश के लिए निकलने वाला है। पर पृथ्वी के निवासी जिनके नाम जगत की उत्पत्ति से जीवन की पुस्तक में नहीं लिखे गए, उस पशु को जो था और अब नहीं है पर आनेवाला है, देख कर अचम्भा करेंगे।
9बुद्धि की बात तो यह है कि वे सातों सिर सात पर्वत हैं जिन पर वह स्त्री बैठी है।
10वे सात राजा भी हैं, जिनमें से पांच का पतन हो चुका है, एक अभी है, और दूसरा अब तक नहीं आया है। जब वह आएगा तो उसका कुछ समय तक रहना आवश्यक है।
11जो पशु पहिले था और अब नहीं है, वह स्वयं आठवां है। वह उन सातों में से एक है जिसका विनाश निश्चित है।
12जो दस सींग तू ने देखे हैं वे दस राजा हैं जिन्हें अब तक राजसत्ता नहीं मिली है, पर वे उस पशु के साथ घड़ी भर के लिए राजकीय अधिकार पाएंगे।
13इन सब का एक ही अभिप्राय है, कि वे अपनी शक्ति एवं अधिकार पशु को सौंप दे।
14वे मेमने के साथ युद्ध करेंगे और मेमना उन पर विजयी होगा, क्योंकि वह प्रभुओं का प्रभु और राजाओं का राजा है; और जो उसके साथ हैं वे बुलाए हुए, चुने हुए आदि विश्वासी लोग है।
15फिर उसने मुझ से कहा, “जो जल तू ने देखे, और जिन पर वह वेश्या बैठी है, वे तो लोग, भीड़, जातियां, और भाषाएं है।
16और जो दस सींग तथा पशु तू ने देखे, वे उस वेश्या से बैर करेंगे, उसे उजाड़ और नग्न करेंगे, और उसका मांस खा जाएंगे और उसे अग्नि में भस्म कर देंगे।
17क्योंकि परमेश्वर ने अपना अभिप्राय पूर्ण करवाने के लिए उनके मनों को एकमत किया कि जब तक परमेश्वर के वचन पूर्ण न हो जाएं, तब तक वे पशु को अपने -शासन का अधिकार सौंप दे।
18यह स्त्री जिसे तू ने देखा, वह महानगरी है जो पृथ्वी के राजाओं पर राज्य करती है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)