1 कुरिन्थियों 10:31
अतः चाहे तुम खाओ या पीओ या जो कुछ भी करो, सब परमेश्वर की महिमा के लिए करो।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: 1 कुरिन्थियों 10
28परन्तु यदि कोई तुमसे कहे, ‘‘यह मूर्ति को चढ़ाया हुआ प्रसाद है,’’ तो तुम उस बताने वाले के कारण तथा विवेक के कारण मत खाओ।
29मेरा तात्पर्य तुम्हारे विवेक से नहीं परन्तु उस दूसरे मनुष्य के विवेक से है। भला मेरी स्वतन्त्रता उस दूसरे के विवेक से क्यों परखी जाए?
30यदि मैं धन्यवाद देकर खाता हूं तो जिसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं, उसके विषय में मेरी निन्दा क्यों की जाती है?
31अतः चाहे तुम खाओ या पीओ या जो कुछ भी करो, सब परमेश्वर की महिमा के लिए करो।
32तुम न यहूदियों, न यूनानियों, और न परमेश्वर की कलीसिया, न किसी के लिए ठोकर का कारण बनो-
33जिस प्रकार मैं भी सब बातों में सब मनुष्यों को प्रसन्न करता हूं और अपने ही लाभ की नहीं, परन्तु बहुतों के लाभ की चिन्ता करता हूं कि वे उद्धार पाए।
संबंधित पद
- कुलुस्सियों 3:17
वचन या कार्य से जो कुछ करो, सब प्रभु यीशु के नाम से करो और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।
- कुलुस्सियों 3:23
जो कुछ तुम करते हो, उस कार्य को मनुष्यों का नहीं वरन् प्रभु का समझकर तन-मन से करो,
- 1 पतरस 4:11
जो भी उपदेश दे, वह ऐसे दे मानो परमेश्वर ही का वचन देता हो। जो सेवा करे, उस सामर्थ्य से करे जो परमेश्वर देता है, जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर की महिमा हो। महिमा और अधिकार युगानुयुग उसी का है। आमीन।
- व्यवस्थाविवरण 12:7
वहीं तुम अपने परमेश्वर यहोवा के सामने अपने-अपने घराने समेत भोजन भी करना तथा जिन सब कामों पर तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने आशीष दी है, उन सब के लिए आनन्द मनाना।
- व्यवस्थाविवरण 12:18
परंतु तू उन्हें अपने परमेश्वर यहोवा के सामने उसी स्थान में खाना जिसे तेरा परमेश्वर यहोवा चुनेगा, अपने पुत्र-पुत्रियों, अपने दास-दासियों तथा उस लेवी के साथ जो तेरे फाटकों के भीतर रहता हो। तू अपने हाथ के सब कार्योर्ं के लिए अपने परमेश्वर यहोवा के सामने आनन्द मनाना।
- जकर्याह 7:5–6
“देश के सब लोगों तथा याजकों से कहः जब तुमने गत सत्तर वर्षों में पांचवें और सातवें महीनों में उपवास रखा, और विलाप किया तो क्या तुमने मेरे ही लिए उपवास किया था?
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