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2 कुरिन्थियों 4:18

हमारी दृष्टि उन वस्तुओं पर नहीं जो दिखाई देती हैं, पर उन वस्तुओं पर है जो अदृशय हैं, क्योंकि दिखाई देने वाली वस्तुएं तो अल्पकालिक हैं, परन्तु अदृशय वस्तुएं चिरस्थायी है।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: 2 कुरिन्थियों 4

15क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिए हैं कि अनुग्रह जो अधिक से अधिक लोगों में फैलता जा रहा है, परमेश्वर की महिमा के लिए धन्यवाद की वृद्धि का कारण बन सके।

16इसलिए हम साहस नहीं खोते, यघपि हमारे बाहरी मनुष्यत्व का क्षय होता जा रहा है, तथापि हमारे आन्तरिक मनुष्यत्व का दिन-प्रतिदिन नवीनीकरण होता जा रहा है।

17क्योंकि हमारा पल भर का यह हल्का-सा क्लेश एक ऐसी चिरस्थायी महिमा उत्पन्न कर रहा है जो अतुल्य है।

18हमारी दृष्टि उन वस्तुओं पर नहीं जो दिखाई देती हैं, पर उन वस्तुओं पर है जो अदृशय हैं, क्योंकि दिखाई देने वाली वस्तुएं तो अल्पकालिक हैं, परन्तु अदृशय वस्तुएं चिरस्थायी है।

पूरा अध्याय पढ़ें: 2 कुरिन्थियों 4

संबंधित पद

  • 2 कुरिन्थियों 5:7

    क्योंकि हम रूप देख कर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं-

  • रोमियों 8:24–25

    क्योंकि आशा में हमारा उद्धार हुआ है, परन्तु आशा जो दिखाई देती है आशा नही; क्योंकि जो किसी वस्तु को देखता है वह उसकी आशा क्यों करेगा?

  • इब्रानियों 11:1

    विश्वास तो आशा की हुई वस्तुओं का निश्चय, और अनदेखी वस्तुओं का प्रमाण है।

  • 1 यूहन्ना 2:16–17

    क्योंकि वह सब जो संसार में है, अर्थात् -शरीर की अभिलाषा, आँखों की लालसा और जीवन का अहंकार, पिता की ओर से नहीं परन्तु संसार की ओर से है।

  • 1 यूहन्ना 2:25

    जो प्रतिज्ञा स्वयं उसने हम से की है, वह यह है, अर्थात् अनन्त जीवन।

  • इब्रानियों 11:13

    ये सब विश्वास की दशा में मरे। इन्होंने प्रतिज्ञा की गई वस्तुओं को प्राप्त नहीं किया, परन्तु उन्हें दूर ही से देख कर उनका अभिवादन किया और मान लिया कि हम पृथ्वी पर परदेशी और पराए है।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).