2 कुरिन्थियों 5:21
जो पाप से अनजान था, उसी को उसने हमारे लिए पाप ठहराया कि हम उसमें परमेश्वर की धार्मिकता बन जाए।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: 2 कुरिन्थियों 5
18अब ये सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा हमारा मेल अपने साथ कर लिया, और हमें मेल-मिलाप की सेवा दी।
19अर्थात् परमेश्वर, लोगों के अपराधों का दोष उन पर न लगाते हुए, मसीह में जगत का मेल-मिलाप अपने साथ कर रहा था और उसने हमें मेल-मिलाप का वचन सौंप दिया है।
20इसलिए हम मसीह के राजदूत हैं, मानो परमेश्वर हमारे द्वारा विनती कर रहा है; हम मसीह की ओर से तुम से निवेदन करते हैं कि परमेश्वर के साथ मेल-मिलाप कर लो।
21जो पाप से अनजान था, उसी को उसने हमारे लिए पाप ठहराया कि हम उसमें परमेश्वर की धार्मिकता बन जाए।
संबंधित पद
- 1 पतरस 2:22–24
उसने न तो कोई पाप किया और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली।
- 1 पतरस 3:18
मसीह भी सब पापों के लिए एक ही बार मर गया, अर्थात् अधर्मियों के लिए धर्मी, जिस से वह हमें परमेश्वर के समीप ले आए, शरीर के भाव से तो वह मारा गया, परन्तु आत्मा के भाव से जिलाया गया।
- रोमियों 5:19
जैसे एक मनुष्य के आज्ञा-उल्लंघन से अनेक पापी ठहराए गए, वैसे ही एक मनुष्य की आज्ञाकारिता से अनेक मनुष्य धर्मी ठहराए जाएंगे।
- गलातियों 3:13
मसीह ने व्यवस्था के शाप से हमें मूल्य चुका कर छुड़ाया, और स्वयं हमारे लिए -शापित बना, क्योंकि लिखा है, ‘‘जो कोई काठ पर लटकाया जाता है वह -शापित है।’’
- 1 कुरिन्थियों 1:30
परन्तु उसी के कारण तुम मसीह यीशु में हो, जो हमारे लिए परमेश्वर की ओर से ज्ञान, धार्मिकता, पवित्रता और छुटकारा ठहरा,
- 1 यूहन्ना 3:5
तुम जानते हो कि वह इसलिए प्रकट हुआ कि पापों को हर ले जाए; और उसमें कोई भी पाप नही।
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