प्रेरितों के काम 20:24
मैं अपने प्राण को किसी प्रकार भी अपने लिए प्रिय नहीं समझता, यदि समझता हूँ तो केवल इसलिए कि अपनी दौड़ को और उस सेवा को जो मुझे प्रभु यीशु से मिली है पूर्ण करूँ, अर्थात् मैं परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार की गम्भीरतापूर्वक साक्षी दूँ।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: प्रेरितों के काम 20
21मैं यहूदी तथा यूनानी दोनों को ही दृढ़तापूर्वक साक्षी देता रहा कि परमेश्वर की ओर मन फिराओ और प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करो।
22‘‘अब देखो, मैं आत्मा में बंधा हुआ यरूशलेम को जाता हूँ, और वहां न जाने मुझ पर क्या-क्या बीतेगा,
23केवल यह कि पवित्र आत्मा प्रत्येक नगर में मुझ से गम्भीरतापूर्वक गवाही देकर कहता है कि बन्धन और क्लेश तेरी प्रतीक्षा में है।
24मैं अपने प्राण को किसी प्रकार भी अपने लिए प्रिय नहीं समझता, यदि समझता हूँ तो केवल इसलिए कि अपनी दौड़ को और उस सेवा को जो मुझे प्रभु यीशु से मिली है पूर्ण करूँ, अर्थात् मैं परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार की गम्भीरतापूर्वक साक्षी दूँ।
25‘‘अब देखो, मैं जानता हूूँ कि तुम सब जिनके मध्य मैं परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार सुनाता फिरा, मेरा मुंह फिर न देखने पाओगे ।
26इसलिए आज के दिन मैं तुम्हारे समक्ष गवाही देकर कहता हूँ, कि मैं सब लोगों के लहू से निर्दोष हूँ ।
27क्योंकि मैं परमेश्वर की सम्पूर्ण इच्छा को तुम्हें बताने से न झिझका।
संबंधित पद
- 2 तीमुथियुस 4:6–8
क्योंकि अब मैं अर्घ की भांति उण्डेला जाता हूं और मेरे जीवन का अन्तिम समय आ पहुंचा है।
- 2 कुरिन्थियों 12:10
इस कारण मैं मसीह के लिए निर्बलताओं, अपमानों, दुखों, सतावों और कठिनाइयों में प्रसन्न हूं, क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं तभी सामर्थी होता हू।
- 2 कुरिन्थियों 4:1
इसलिए जब हम पर ऐसी दया हुई कि हमें यह सेवा मिली, तो हम साहस नहीं खोते।
- 1 कुरिन्थियों 15:58
इसलिए हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो तथा प्रभु के कार्य में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।
- प्रेरितों के काम 21:13
तब पौलुस ने उत्तर दिया, ‘‘तुम यह क्या कर रहे हो, कि रो-रोकर मेरा दिल तोड़ रहे हो? मैं तो प्रभु यीशु के नाम के लिए यरूशलेम में न केवल बांधे जाने, परन्तु मरने के लिए भी तैयार हूँ।”
- 2 कुरिन्थियों 4:16–18
इसलिए हम साहस नहीं खोते, यघपि हमारे बाहरी मनुष्यत्व का क्षय होता जा रहा है, तथापि हमारे आन्तरिक मनुष्यत्व का दिन-प्रतिदिन नवीनीकरण होता जा रहा है।
Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).