उत्पत्ति 3:19
तू अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा, क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है। तू मिट्टी तो है, अतः मिट्टी में फिर मिल जाएगा।”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: उत्पत्ति 3
16स्त्री से उसने कहा, “मैं तेरी प्रसव-पीड़ा को अधिक बढ़ाऊंगा। तू पीड़ा में ही बच्चे उत्पन्न करेगी, फिर भी तेरी लालसा तेरे पति के लिए होगी, और वह तुझ पर प्रभुता करेगा।”
17तब आदम से उसने कहा, “क्योंकि तूने अपनी पत्नी की बात मानकर उस वृक्ष का फल खाया जिसके लिए मैंने आज्ञा देकर कहा था कि तू उसमें से न खाना, इसलिए भूमि तेरे कारण शापित है। तू उसकी उपज जीवन भर कठिन परिश्रम के साथ खाया करेगा।
18वह तेरे लिए कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत का साग-पात ही खाया करेगा।
19तू अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा, क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है। तू मिट्टी तो है, अतः मिट्टी में फिर मिल जाएगा।”
20तब आदम ने अपनी पत्नी का नाम हव्वा रखा, क्योंकि पृथ्वी पर जीवित सब मनुष्यों की आदिमाता वही हुई।
21और यहोवा परमेश्वर ने आदम और उसकी पत्नी के लिए चमड़े के वस्त्र बनाकर उनको पहना दिए।
22तब यहोवा परमेश्वर ने कहा, “देखो, यह मनुष्य भले और बुरे का ज्ञान पाकर हममें से एक के समान हो गया है। अब ऐसा न हो कि वह अपना हाथ बढ़ाकर जीवन के वृक्ष का फल भी तोड़कर खा ले और सदा जीवित रहे”-
संबंधित पद
- सभोपदेशक 12:7
तब मिट्टी जैसी थी, वैसी ही मिट्टी में मिल जाएगी, और आत्मा अपने देने वाले परमेश्वर के पास लौट जाएगा।
- अय्यूब 34:15
तो सब देहधारी एक साथ नष्ट हो जाते, और मनुष्य फिर मिट्टी में मिल जाता।
- उत्पत्ति 2:7
तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा, और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूंकाः और आदम जीवित प्राणी बन गया।
- इफिसियों 4:28
चोरी करने वाला फिर चोरी न करे, परन्तु भलाई करने के लिए अपने हाथों से परिश्रम करे, जिससे कि आवश्यकता में पड़े हुए को देने के लिए उसके पास कुछ हो।
Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).