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हबक्कूक 3:17

चाहे अंजीर का वृक्ष न फूले, न दाखलताओं में फल लगे, और जैतून वृक्ष फल न दे, खेतों में अनाज उत्पन्न न हो, और भेड़शालाओं से भेड़-बकरियां जाती रहे और थानों में गाय-बैल न रहे।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: हबक्कूक 3

14तूने उसके योद्धाओं के सिर उनके ही भालों से छेद डाले, वे हमको तितर-बितर करने के लिए हम पर टूट पड़े थे, वे दीनों को गुप्त में घात करने वालों के समान आनन्दित थे।

15तूने अपने घोड़ों पर सवार होकर समुद्र को, हां, महाजल धाराओं को रौंद डाला।

16मैं सुनकर भीतर ही भीतर कांप उठा, इसे सुनकर मेरे होंठ थरथराने लगे, मेरी हड्डियां गलने लगीं और मैं खड़े-खड़े कांपने लगा, फिर भी मैं बड़े धीरज से उस संकट के दिन की प्रतीक्षा करूंगा जो हम पर चढ़ाई करने वालों पर आएगा

17चाहे अंजीर का वृक्ष न फूले, न दाखलताओं में फल लगे, और जैतून वृक्ष फल न दे, खेतों में अनाज उत्पन्न न हो, और भेड़शालाओं से भेड़-बकरियां जाती रहे और थानों में गाय-बैल न रहे।

18फिर भी यहोवा के कारण मैं आनन्दित रहूंगा और अपने उद्धार कर्त्ता परमेश्वर में मग्न रहूंगा।

19प्रभु यहोवा मेरा बल है, उसने मेरे पैर को हिरनी के पैरों के समान बना दिया है, वह मुझे मेरे ऊंचे स्थानों पर चलाता है। (संगीत निर्देशकके लिए मेरे तारदार साजों के साथ।)

पूरा अध्याय पढ़ें: हबक्कूक 3

संबंधित पद

  • यिर्मयाह 5:17

    और वे तुम्हारे पके खेतों को और भोजन वस्तुओं को चट कर जाएंगे, तुम्हारे बेटे-बेटियों को निगल लेंगे, तुम्हारे भेड़-बकरियों तथा गाय-बैलों को निगल जाएंगे, तुम्हारे दाखों और अंजीरों को खा जाएंगे; और अपनी तलवारों से तुम्हारे गढ़वाले नगरों को जिन पर तुम भरोसा रखते हो मिट्टी में मिला देंगे।”

  • योएल 1:16–18

    क्या हमारी आंखों के सामने भोजन वस्तुएं, और हमारे परमेश्वर के भवन से हर्ष और आनन्द छीन न लिए गए?

  • आमोस 4:6–10

    “यघपि मैंने तुम्हारे सब नगरों में दांतों की सफाई और तुम्हारे सब स्थानों में रोटी की कमी की, फिर भी तुम मेरी ओर न फिरे,” यहोवा की यही वाणी है।

  • व्यवस्थाविवरण 28:15–18

    “यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा की न सुने और जिन नियमों और विधियों की आज्ञा मैं आज तुझे दे रहा हूं उन सब को मानने में चौकसी न करे तो ये सब शाप तुझ पर आ पड़ेंगे।

  • व्यवस्थाविवरण 28:30–41

    तू स्री से सगाई तो करेगा, परन्तु दूसरा पुरफ़ष उसे भ्रष्ट करेगा। तू घर तो बनाएगा, परन्तु उसमें रहने नहीं पाएगा। तू दाख की बारी तो लगाएगा, परन्तु उसका फल चखने भी नहीं पाएगा।

  • हाग्गै 2:16–17

    के दिनों से आज तक जब कोई अन्न के ढेर के पास बीस नाप की आशा से जाता तो वहां केवल दस नाप ही निकलते। और जब कोई दाखरस के कुंड के पास इस आशा से जाता कि पचास नाप निकले तब बीस ही निकलते थे।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).