नीतिवचन 12:22
झूठ बोलने वाले होंठों से यहोवा घृणा करता है, परन्तु जो विश्वसनीय आचरण करते हैं, उनसे वह प्रसन्न रहता है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: नीतिवचन 12
19सच्चे होंठ सदा बने रहेंगे, परन्तु झूठी जीभ पल भर की ही होती है।
20बुरी योजना बनाने वालों के हृदयों में छल पाया जाता है, परन्तु मेल की सम्मति देने वालों को आनन्द प्राप्त होता है।
21धर्मी की कोई हानि नहीं होती, परन्तु दुष्ट लोग विपत्तियों से घिरे रहते है।
22झूठ बोलने वाले होंठों से यहोवा घृणा करता है, परन्तु जो विश्वसनीय आचरण करते हैं, उनसे वह प्रसन्न रहता है।
23समझदार मनुष्य ज्ञान को छिपाए रखता है, परन्तु मूर्ख अपने हृदय की मूर्खता का प्रचार करता है।
24परिश्रमी के हाथ शासन करते हैं, परन्तु आलसी तो बेगारी में पकड़े जाते है।
25चिन्ता से मनुष्य का हृदय निराश होता है, परन्तु शान्ति की बात उसे आनन्दित कर देती है।
संबंधित पद
- नीतिवचन 6:16–17
छः बातें हैं जिनसे यहोवा बैर रखता है। वरन् सात हैं जिनसे उसे घृणा हैः
- नीतिवचन 11:20
यहोवा कुटिल हृदय वालों से घृणा करता है, परन्तु निर्दोष लोगों के चाल-चलन से वह प्रसन्न रहता है।
- प्रकाशितवाक्य 22:15
पर कुत्ते, जादू-टोना करने वाले, व्यभिचारी, हत्यारे, मूर्ति-पूजक, और सब जो झूठ को चाहते व उस पर आचरण करते हैं, बाहर रहेंगे।
- यिर्मयाह 9:24
परन्तु जो गर्व करता है वह इस बात पर गर्व करे कि वह मुझे जानता और समझता है, और यह भी कि मैं ही वह यहोवा हूं जो पृथ्वी पर करफ़णा, न्याय और धार्मिकता के कार्य करता हूं, क्योंकि मैं इन बातों से प्रसन्न होता हूं,” यहोवा की यह वाणी है।
- यशायाह 9:15
प्राचीन और प्रतिष्ठित पुरुष तो सिर है और जो नबी झूठी बातें सिखाता है वह पूंछ है।
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