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भजन संहिता 103:12

उदयाचल से अस्ताचल जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हमसे उतनी ही दूर कर दिया है।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: भजन संहिता 103

9वह सर्वदा झिड़कता न रहेगा, और न क्रोध करता रहेगा।

10उसने हमारे पापों के अनुसार हमसे व्यवहार नहीं किया, न हमारे अधर्म के अनुसार हमें बदला दिया।

11जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करुणा उन पर महान् है जो उससे डरते है।

12उदयाचल से अस्ताचल जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हमसे उतनी ही दूर कर दिया है।

13जैसे पिता अपने बच्चों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा उन पर दया करता है जो उससे डरते है।

14क्योंकि वह हमारी सृष्टि को जानता है; उसे स्मरण रहता है कि हम धूल ही है।

15मनुष्य की आयु घास के समान है; वह मैदान के फूल के समान फूलता है,

पूरा अध्याय पढ़ें: भजन संहिता 103

संबंधित पद

  • यशायाह 43:25

    “मैं, हां मैं ही हूं, जो अपने ही निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं, और मैं तेरे पापों का स्मरण न करूंगा।

  • 1 यूहन्ना 1:7

    परन्तु यदि हम ज्योति में चलें जैसा वह स्वयं ज्योति में है, तो हमारी सहभागिता एक दूसरे से है, और उसके पुत्र यीशु का लहू हमें सब पाप से शुद्ध करता है।

  • मीका 7:18

    तेरे समान परमेश्वर कौन है जो अधर्म को क्षमा करता और अपने निज भाग के बचे हुओं के अपराधों को अनदेखा करता है? तू सदा क्रोधित नहीं रहता, क्योंकि करफ़णा दिखाना तुझे भाता है।

  • यशायाह 38:17

    देख, मेरी ही भलाई के लिए मुझे इतनी कड़वाहट मिली थी; पर तूने ही मेरे प्राण को विनाश के गड्हे से निकाला, क्योंकि तूने मेरे सब पापों को अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया है।

  • यिर्मयाह 31:34

    तब उन्हें अपने-अपने पड़ोसी और अपने-अपने भाई को फिर यह सिखाना न पड़ेगा कि यहोवा को जानो, क्योंकि छोटे से लेकर बड़े तक सब मुझे जान जायेंगें क्योंकि मैं उनके अधर्म को क्षमा करूंगा और उनके पापों को फिर स्मरण न करूंगा,” यहोवा की यही वाणी है।

  • इब्रानियों 10:2

    अन्यथा उनका चढ़ाया जाना बन्द क्यों नहीं हो जाता? आराधना करने वाले तो एक बार ही शुद्ध हो जाते और उनका विवेक उन्हें फिर पापी न ठहराता।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).