पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 118 / 150
भजन संहिता 118
1यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है, और उसकी करुणा सदा की है।
2इस्राएल कहे, “उसकी करुणा सदा की है।”
3हारून का घराना कहे, “उसकी करुणा सदा की है।”
4यहोवा का भय मानने वाले कहें, “उसकी करुणा सदा की है।”
5संकट में मैंने याह को पुकारा; याह ने मेरी सुनकर मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया।
6यहोवा मेरी ओर है; मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?
7यहोवा मेरे सहायकों में मेरी ओर है; इसलिए मैं अपने बैरियों को विजय-दृष्टि से देखूंगा।
8यहोवा की शरण लेना मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है।
9यहोवा की शरण लेना प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।
10सब जातियों ने मुझे घेरा, परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नष्ट कर डालूंगा।
11उन्होंने मुझे घेरा, सचमुच, घेर लिया है, परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नष्ट कर डालूंगा।
12उन्होंने मुझे मधु-मक्खियों के समान घेरा, परन्तु कांटों की आग के समान वे बुझ गए; यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नष्ट कर डालूंगा।
13तूने मुझे गिराने के लिए बड़ा धक्का तो दिया था, परन्तु यहोवा ने मेरी सहायता की।
14याह मेरा बल और भजन है, वह मेरा उद्धार ठहरा है।
15धर्मियों के तम्बुओं में जय-जयकार और उद्धार की ध्वनि हो रही है; यहोवा का दाहिना हाथ सामर्थी कार्य करता है।
16यहोवा का दाहिना हाथ महान् ठहरा है; यहोवा का दाहिना हाथ सामर्थी कार्य करता है।
17मैं मरूंगा नहीं, वरन् जीवित रहूंगा, और याह के कार्यों का वर्णन करता रहूंगा।
18याह ने मेरी कड़ी ताड़ना तो की है, परन्तु उसने मुझे मृत्यु के वश में नहीं किया।
19मेरे लिए धार्मिकता के द्वार खोलोः मैं उनसे प्रवेश करके याह का धन्यवाद करूंगा।
20यहोवा का द्वार यही है, इससे धर्मी प्रवेश करने पाएंगे।
21मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, क्योंकि तूने मेरी सुन ली है, और तू मेरा उद्धार ठहरा है।
22जिस पत्थर को राजमिस्त्रियों ने ठुकरा दिया था, वही कोने का पत्थर बन गया।
23यह तो यहोवा की ओर से हुआ है; यह हमारी दृष्टि में अद्भुत है।
24आज का दिन यहोवा ने बनाया है; हम इसमें आनन्दित और मग्न हो।
25हे यहोवा, हमारी विनती सुन, बचा ले! हे यहोवा, हमारी विनती सुन, सुख-समृद्धि दे!
26धन्य है वह जो यहोवा के नाम से आता है! हम तुमको यहोवा के घर से आशीर्वाद देते है।
27यहोवा तो परमेश्वर है, उसने हमें प्रकाश दिया है। पर्व की बलि को वेदी के सींगों से रस्सियों द्वारा बांधो।
28तू मेरा परमेश्वर है, मैं तुझे धन्यवाद देता हूं; तू मेरा परमेश्वर है, मैं तेरा गुणगान करता हू।
29यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है, और उसकी करुणा सदा की है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)