पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 28 / 150
भजन संहिता 28
1दाऊद का भजन। हे यहोवा, मैं तुझी को पुकारता हूं; हे मेरी चट्टान, मेरी अनसुनी न कर, ऐसा न हो कि तेरे चुप रहने से मैं उनके समान बन जाऊँ जो कब्र में चले जाते है।
2जब मैं तुझे सहायता के लिए पुकारूं, जब मैं तेरे पवित्र-स्थान के भीतरी कक्ष की ओर अपने हाथ उठाऊँ, तब मेरे गिड़गिड़ाने को सुन।
3दुष्टों के साथ मुझे न घसीट, न उनके साथ जिनके काम अधर्म के हैं; वे अपने पड़ोसियों के साथ बातें तो मेल की करते हैं, परन्तु उनके हृदय में बुराई रहती है।
4उनके कार्यों और दुष्ट व्यवहारों के अनुसार उनका बदला चुका, उनके हाथों के कार्यों के अनुसार उन्हें बदला दे, उनकी करनी का फल उन्हें दे।
5वे न तो यहोवा के कार्यों पर, न उसके हाथ के कामों पर ध्यान देते हैं, अतः वह उन्हें गिरा देगा और फिर खड़ा नहीं करेगा।
6धन्य हो यहोवा, क्योंकि उसने मेरी गिड़गिड़ाहट सुनी है।
7यहोवा मेरा बल और मेरी ढाल है; मेरा हृदय उस पर भरोसा रखता है, जिससे मुझे सहायता मिलती है; इसलिए मेरा हृदय प्रफुल्लित है। मैं गीत गा-गाकर उसका धन्यवाद करूँगा।
8यहोवा तो अपनी प्रजा का बल है, वह अपने अभिषिक्त के लिए उद्धार का दृढ़ गढ़ है।
9तू अपनी प्रजा का उद्धार कर, और अपने निज भाग को आशीष दे; उनकी चरवाही कर और सदैव उन्हें सम्भाले रह।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)