पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 30 / 150
भजन संहिता 30
1हे यहोवा, मैं तुझे सराहूँगा, क्योंकि तूने मुझे खींच कर ऊपर उठाया है, और मेरे शत्रुओं को मुझ पर आनन्दित नहीं होने दिया।
2हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैंने सहायता के लिए तुझे पुकारा, और तूने मुझे चंगा किया।
3हे यहोवा, तू मेरे प्राण को अधोलोक में से निकाल लाया है; तूने मुझे जीवित रखा है कि मैं कब्र में न जाऊँ।
4हे यहोवा के भक्तों, उसका भजन गाओ, और उसके पवित्र नाम का धन्यवाद करो।
5क्याेंकि उसका क्रोध तो क्षणभर का होता है, पर उसकी कृपा जीवन-भर की होती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु प्रातःकाल आनन्द से भरा होता है।
6मैंने तो अपनी सुख-समृद्धि में कहा था, “मैं कभी नहीं डगमगाऊँगा।”
7हे यहोवा, अपनी कृपा से तूने मेरे पर्वत को दृढ़ किया। जब तूने अपना मुंह छिपा लिया तब मैं घबरा गया।
8हे यहोवा, मैंने तुझी को पुकारा, और प्रभु, तुझसे ही मैंने याचना कीः
9“मेरी मृत्यु से या कब्र में मेरे चले जाने से क्या लाभ? क्या मिट्टी तेरी प्रशंसा करेगी? क्या वह तेरी विश्वसनीयता का प्रचार करेगी?
10“हे यहोवा, सुनः मुझ पर अनुग्रह कर। हे यहोवा, तू मेरा सहायक हो।”
11तूने मेरे विलाप को नृत्य में बदल दिया है, तूने मेरे शोक-वस्त्र को उतारकर उल्लास का कमरबन्द बांधा हैं,
12कि मेरा हृदय तेरी स्तुति करता रहे और कभी चुप न रहे। हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं सदा-सर्वदा तेरा धन्यवाद करता रहूँगा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)