पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 63 / 150
भजन संहिता 63
1हे परमेश्वर, तू ही मेरा परमेश्वर है; मैं तुझे यत्न से ढूंढ़ूंगा सूखी और प्यासी, हां, निर्जल भूमि पर मेरा प्राण तेरा प्यासा है, मेरा शरीर तेरा अति अभिलाषी है।
2इस प्रकार मैंने पवित्रस्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरे सामर्थ्य और तेरी महिमा को देखू।
3क्योंकि तेरी करुणा जीवन से भी उत्तम है, मेरे होंठ तेरी प्रशंसा करेंगे।
4इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा, तेरा नाम लेकर अपने हाथ उठाऊंगा।
5मेरा प्राण मानो चर्बी और चिकनाई से तृप्त हुआ है, और मेरा मुंह हर्षित होठों से तेरी स्तुति करता है।
6जब मैं अपने बिछौने पर पड़ा तुझे स्मरण करता हूं, तो रात के हर पहर तुझ पर ध्यान करता हू।
7क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, मैं तेरे पंखों की छाया में आनन्द से गाऊंगा।
8मेरा प्राण तुझसे लिपटा रहता है, तेरा दाहिना हाथ मुझे थामे रहता है।
9परन्तु जो मेरे प्राण को नष्ट करने की खोज में हैं, वे पृथ्वी के निचले स्थानों में जा पड़ेंगे।
10वे तलवार के घाट उतार दिए जाएंगे। वे गीदड़ों का आहार बन जाएंगे।
11परन्तु राजा परमेश्वर में आनन्दित होगा; प्रत्येक जो परमेश्वर की शपथ खाता है, उल्लसित होगा, क्योंकि झूठ बोलने वालों का मुंह बन्द कर दिया जाएगा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)