रोमियों 12:18
जहां तक तुम से बन पड़े सब के साथ यथासम्भव शान्तिपूर्वक रहो।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: रोमियों 12
15आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो, और रोने वालों के साथ रोओ।
16परस्पर एक-सा मन रखो। अभिमानी न हो, परन्तु दीनों से मिल-जुल कर रहो। अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न बनो।
17बुराई के बदले किसी से बुराई न करो। उन बातों का आदर करो जो सब की दृृष्टि में भली है।
18जहां तक तुम से बन पड़े सब के साथ यथासम्भव शान्तिपूर्वक रहो।
19प्रियो, अपना बदला कभी न लेना, परन्तु परमेश्वर के प्रकोप को जगह दो, क्योंकि लिखा है, “प्रभु कहता है कि बदला लेना मेरा काम है, बदला मैं दूंगा।”
20परन्तु, “यदि तेरा शत्रु भूखा हो तो उसे खाना खिला और यदि प्यासा हो तो पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा।”
21बुराई से न हारो, परन्तु भलाई से बुराई को जीत लो।
संबंधित पद
- इब्रानियों 12:14
सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो, और उस पवित्रता के खोजी बनो, जिसके बिना प्रभु को कोई भी नहीं देख पाएगा।
- मत्ती 5:9
धन्य हैं वे जो मेल कराने वाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएंगे।
- रोमियों 14:19
इसलिए हम उन बातों में संलग्न रहें जिनसे मेल-मिलाप होता है तथा एक दूसरे के जीवन का निर्माण होता है।
- 2 कुरिन्थियों 13:11
अब अन्त में, हे भाइयो, आनन्दित होओ, सिद्ध होते जाओ, शान्ति प्राप्त करो, एक मन रखो, मेल-पूर्वक रहो, और प्रेम तथा शान्ति का परमेश्वर तुम्हारे साथ रहेगा।
- याकूब 3:16–18
क्योंकि जहां डाह और स्वार्थी आकांक्षा होती है, वहां बखेड़ा तथा हर प्रकार की बुराई भी होती है।
- गलातियों 5:22
परन्तु पवित्र आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, दयालुता, भलाई, विशवस्तता,
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