रोमियों 3:24
वे उसके अनुग्रह ही से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत-मेंत धर्मी ठहराए जाते है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: रोमियों 3
21परन्तु अब व्यवस्था से पृथक परमेश्वर की धार्मिकता प्रकट हुई है, जिसकी साक्षी व्यवस्था और नबी देते हैं,
22अर्थात् परमेश्वर की वह धार्मिकता जो यीशु मसीह में विश्वास द्वारा सब विश्वास करनेवालों के लिए है; यहां कोई भेद-भाव नहीं;
23इसलिए कि सबने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं,
24वे उसके अनुग्रह ही से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत-मेंत धर्मी ठहराए जाते है।
25उसी को परमेश्वर ने उसके लहू में विश्वास के द्वारा प्रायशिचत ठहराकर खुल्लमखुल्ला प्रदर्शित किया। यह उसकी धार्मिकता को प्रदर्शित करने के लिए हुआ, क्योंकि परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता में, पहले किए गए पापों को भुला दिया;
26जिससे कि वर्तमान समय में अपनी धार्मिकता प्रदर्शित करके वह स्वयं ही धर्मी ठहरे और उसका भी धर्मी ठहराने वाला हो जो यीशु पर विश्वास करता है।
27अतः गर्व करना कहां रहा? वह तो रहा ही नही। किस प्रकार की व्यवस्था से? कर्मों की व्यवस्था से? नहीं, परन्तु विश्वास की व्यवस्था से।
संबंधित पद
- 1 पतरस 1:18–19
क्योंकि तुम जानते हो कि उस निकम्मे चाल-चलन से जो तुम्हें अपने पूर्वजों से प्राप्त हुआ, तुम्हारा छुटकारा सोने या चांदी जैसी नाशवान वस्तुओं से नहीं,
- तीतुस 3:5–7
तो उसने हमारा उद्धार किया, यह हमारे द्वारा किए गए धार्मिकता के कामों के आधार पर नहीं, परन्तु उसने अपनी दया के अनुसार अर्थात् पवित्र आत्मा द्वारा नए जन्म और नए बनाए जाने के स्नान से किया।
- कुलुस्सियों 1:14
जिसमें हमें छुटकारा अर्थात् पापों की क्षमा प्राप्त होती है।
- इफिसियों 1:6–7
कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्तुति हो जिसे उसने हमें उस अति प्रिय में सेंतमेंत दिया।
- रोमियों 5:9
अतः इससे कहीं बढ़कर उसके लहू के द्वारा धर्मी ठहराए जाकर, हम उसके द्वारा परमेश्वर के प्रकोप से क्यों न बचेंगे?
- तीतुस 2:14
उसने अपने आपको हमारे लिए दे दिया कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले और हमें शुद्ध करके अपने लिए एक ऐसी निज प्रजा बना ले जो भले कार्य करने के लिए सरगर्म हो।
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