रोमियों 8:1
अतः अब उन पर जो मसीह यीशु में हैं, दण्ड की आज्ञा नही।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: रोमियों 8
1अतः अब उन पर जो मसीह यीशु में हैं, दण्ड की आज्ञा नही।
2क्योंकि जीवन के आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में तुम्हें पाप और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतन्त्र कर दिया है।
3क्योंकि जो कार्य व्यवस्था, शरीर के द्वारा अशक्त होते हुए न कर सकी, उस काम को परमेश्वर ने किया; अर्थात्, अपने ही पुत्र को पापमय शरीर की समानता में तथा पाप के लिए बलिदान होने को भेज कर, शरीर में पाप को दोषी ठहराया,
4जिससे कि व्यवस्था की मांग हममें, जो शरीर के अनुसार नहीं परन्तु आत्मा के अनुसार चलते हैं, पूरी हो सके।
संबंधित पद
- यूहन्ना 3:18–19
जो उस पर विश्वास करता है वह दोषी नहीं ठहराया जाता। जो विश्वास नहीं करता वह दोषी ठहराया जा चुका है, क्योंकि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया।
- 2 कुरिन्थियों 5:17
इसलिए यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है। पुरानी बातें बीत गईं। देखो, नई बातें आ गई है।
- गलातियों 3:13
मसीह ने व्यवस्था के शाप से हमें मूल्य चुका कर छुड़ाया, और स्वयं हमारे लिए -शापित बना, क्योंकि लिखा है, ‘‘जो कोई काठ पर लटकाया जाता है वह -शापित है।’’
- रोमियों 5:1
इसलिए विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराए जाकर अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर से हमारा मेल है।
- 1 कुरिन्थियों 1:30
परन्तु उसी के कारण तुम मसीह यीशु में हो, जो हमारे लिए परमेश्वर की ओर से ज्ञान, धार्मिकता, पवित्रता और छुटकारा ठहरा,
- यूहन्ना 5:24
मैं तुमसे सच-सच कहता हूँ, जो मेरा वचन सुनकर मेरे भेजने वाले पर विश्वास करता है, अनन्तजीवन उसका है, और उसपर दण्ड की आज्ञा नहीं होती, पर मृत्यु से पार होकर वह जीवन में प्रवेश कर चुका है।
Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).