रूत 1:17
जहाँ तू मरेगी वहाँ मैं भी मरूंगी और वहीं मुझे मिट्टी दी जाएगी। यदि मृत्यु के अतिरिक्त और किसी कारण मैं तुझसे अलग होऊं, तो यहोवा मुझसे वैसा ही वरन् उससे भी अधिक करे।”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: रूत 1
14और वे फिर चिल्ला चिल्लाकर रो पड़ी। तब ओर्पा ने अपनी सास को चूमा, परन्तु रूत उससे लिपटी रही।
15तब उसने कहा, “देख, तेरी जेठानी तो अपने लोगों और अपने देवताओं के पास लौट गई है। अपनी जेठानी के पीछे लौट जा।”
16परन्तु रूत ने कहा, “मुझसे यह विनती न कर कि मुझे छोड़कर लौट जा, क्योंकि जिधर तू जाए उधर मैं भी जाऊंगी, और जहाँ तू टिके वहाँ मैं भी टिकूंगी। तेरे लोग मेरे लोग होंगे और तेरा परमेश्वर मेरा परमेश्वर होगा।
17जहाँ तू मरेगी वहाँ मैं भी मरूंगी और वहीं मुझे मिट्टी दी जाएगी। यदि मृत्यु के अतिरिक्त और किसी कारण मैं तुझसे अलग होऊं, तो यहोवा मुझसे वैसा ही वरन् उससे भी अधिक करे।”
18जब उसने देखा कि वह मेरे साथ चलने को दृढ़ है तो उसने उससे और अधिक न कहा।
19अतः वे दोनों चल पड़ीं और बैतलहम जा पहुंची। और ऐसा हुआ कि जब वे बैतलहम पहुंचीं तो उनके कारण सारे नगर में हलचल मच गई, और स्त्रियां पूछने लगीं, “क्या यह नाओमी है?”
20और उसने उनसे कहा, “मुझे नाओमी मत कहो मुझे मारा कहो, क्याेंकि सर्वशक्तिमान ने मुझे बड़ा दुःख दिया है।
संबंधित पद
- 1 राजा 2:23
तब राजा सुलैमान ने यहोवा की शपथ खाकर कहा, “यदि अदोनिय्याह ने यह बात अपने ही प्राण की हानि के लिए न कही हो तो परमेश्वर मुझसे वैसा ही वरन् उससे भी अधिक करे।
- 1 राजा 20:10
तब बेन-हदद ने उसके पास यह कहला भेजा, “यदि सामरिया में इतनी धूल बचे कि उससे मेरे पीछे आने वालों की मुट्ठियां भर भी भर जाएं तो देवता मेरे साथ ऐसा ही वरन् इससे भी अधिक करे।”
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