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1 कुरिन्थियों 13:4

प्रेम धैर्यवान है, प्रेम दयालु है और वह ईर्ष्या नहीं करता। प्रेम डींग नहीं मारता, अहंकार नहीं करता,

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: 1 कुरिन्थियों 13

1यदि मैं मनुष्यों और स्वर्गदूतों की भाषाएं बोलूं पर प्रेम न रखूं तो मैं ठनठनाती घन्टी और झनझनाती झांझ हूँ।

2यदि मुझे नबूवत करने का वरदान प्राप्त हो और मैं सब भेदों तथा सब प्रकार के ज्ञान को जानूं, और यदि मुझे यहां तक पूर्ण विश्वास हो कि मैं पहाड़ों को हटा सकूँ, पर प्रेम न रखूं तो मैं कुछ भी नहीं हूँ।

3यदि मैं अपनी सम्पूर्ण सम्पत्ति कंगालों को खिलाने के लिए दान कर दूं, और अपनी देह जलाने के लिए सौंप दूं, परन्तु प्रेम न रखूं, तो मुझे कुछ भी लाभ नही।

4प्रेम धैर्यवान है, प्रेम दयालु है और वह ईर्ष्या नहीं करता। प्रेम डींग नहीं मारता, अहंकार नहीं करता,

5अभद्र व्यवहार नहीं करता, अपनी भलाई नहीं चाहता, झुंझलाता नहीं, बुराई का लेखा नहीं रखता,

6अधर्म से आनन्दित नहीं होता, परन्तु सत्य से आनन्दित होता है।

7सब बातें सहता है, सब बातों पर विश्वास करता है, सब बातों की आशा रखता है, सब बातों में धैर्य रखता है।

पूरा अध्याय पढ़ें: 1 कुरिन्थियों 13

संबंधित पद

  • 1 पतरस 4:8

    सब से बढ़कर, एक दूसरे के प्रति प्रेम में सरगर्म रहो, क्योंकि प्रेम असंख्य पापों को ढांप देता है।

  • इफिसियों 4:32

    एक दूसरे के प्रति दयालु और करफ़णामय बनो, और परमेश्वर ने मसीह में जैसे तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।

  • गलातियों 5:21–22

    द्वेज, मतवालापन, रंगरलियां तथा इस प्रकार के अन्य काम हैं जिनके विजय में मैं तुम को चेतावनी देता हूं-जैसा पहले चेतावनी दे चुका हूं-कि ऐसे ऐसे काम करने वाले तो परमेश्वर के राज्य के उत्तराधिकारी न होंगे।

  • नीतिवचन 10:12

    घृणा से झगड़े उत्पन्न होते हैं, परन्तु प्रेम सब अपराधों को ढांप देता है।

  • कुलुस्सियों 3:12

    अतः परमेश्वर के उन चुने हुओं के सदृश जो पवित्र और प्रिय हैं, अपने हृदय में सहानुभूति, करुणा, दीनता, विनम्रता और सहनशीलता धारण करो।

  • 1 यूहन्ना 4:11

    प्रियो, यदि परमेश्वर ने हमसे ऐसा प्रेम किया तो हमको भी एक दूसरे से प्रेम करना चाहिए।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).