कुलुस्सियों 3:16
मसीह के वचन को अपने हृदयों में बहुतायत से बसने दो, समस्त ज्ञान सहित एक दूसरे को शिक्षा और चेतावनी दो, अपने हृदयों में धन्यवाद के साथ परमेश्वर के लिए भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: कुलुस्सियों 3
13यदि किसी को किसी पर दोष देने का कोई कारण हो तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो। जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
14इन सब के ऊपर प्रेम को, जो एकता का सिद्ध बन्ध है, धारण कर लो।
15मसीह की शान्ति तुम्हारे हृदयों में राज्य करे जिसके लिए वास्तव में तुम एक देह में बुलाए गए; और धन्यवादी बने रहो।
16मसीह के वचन को अपने हृदयों में बहुतायत से बसने दो, समस्त ज्ञान सहित एक दूसरे को शिक्षा और चेतावनी दो, अपने हृदयों में धन्यवाद के साथ परमेश्वर के लिए भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
17वचन या कार्य से जो कुछ करो, सब प्रभु यीशु के नाम से करो और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।
18हे पत्नियो, जैसा प्रभु में उचित है, अपने अपने पति के अधीन रहो।
19हे पतियों, अपनी अपनी पत्नी से प्रेम करो और उनके साथ कटु व्यवहार न करो।
संबंधित पद
- इफिसियों 5:19
और आपस में भजन, स्तुति-गान व आत्मिक गीत गाया करो, और अपने-अपने मन में प्रभु के लिए गाते तथा कीर्तन करते रहो।
- यूहन्ना 15:7
यदि तुम मुझमें बने रहो, और मेरे वचन तुममें बने रहें तो जो चाहो मांगो, और वह तुम्हारे लिए हो जाएगा।
- रोमियों 10:17
अतः विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन के द्वारा होता है।
- यिर्मयाह 15:16
तेरे वचन पाकर मैंने उन्हें खा लिया और तेरे वचन मेरे हृदय के लिए आनन्द और हर्ष के कारण बने; क्योंकि हे सेनाओं के यहोवा परमेश्वर, मैं तेरे नाम का कहलाता हू।
- 1 यूहन्ना 2:24
जहां तक तुम्हारा सम्बन्ध है, तुमने जो आरम्भ से सुना है, उसे अपने में बना रहने दो। जो कुछ तुमने आरम्भ से सुना है, यदि वह तुम में बना रहे तो तुम भी पुत्र में और पिता में बने रहोगे।
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