उत्पत्ति 15:6
तब उसने यहोवा पर विश्वास किया और इसे यहोवा ने उसके लिए धार्मिकता गिना।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: उत्पत्ति 15
3और अब्राम ने कहा, “इसलिए कि तूने मुझे कोई सन्तान नहीं दी है, मेरे घर में उत्पन्न एक जन मेरा उत्तराधिकारी होगा।”
4तब देखो, यहोवा का वचन उसके पास पहुंचा, “यह मनुष्य तेरा उत्तराधिकारी न होगा; परन्तु जो तुझसे उत्पन्न होगा वही तेरा उत्तराधिकारी होगा।”
5और बाहर ले जाकर उसने उससे कहा, “अब आकाश की ओर देख और यदि गिन सके तो तारों को गिन।” फिर उसने कहा, “तेरा वंश भी ऐसा ही होगा।”
6तब उसने यहोवा पर विश्वास किया और इसे यहोवा ने उसके लिए धार्मिकता गिना।
7उसने उससे कहा, “मैं यहोवा हूं जो तुझे कसदियों के ऊर देश से निकाल लाया हूं कि तुझे इस देश का अधिकार दू।”
8उसने कहा, “हे प्रभु यहोवा, मैं कैसे जानूं कि इस भूमि पर मेरा अधिकार हो जाएगा?”
9तब उसने कहा, “मेरे लिए तीन वर्ष की कलोर, तीन वर्ष की बकरी, तथा तीन वर्ष का मेढ़ा, एक पिंडुक, और कबूतर का एक बच्चा ले आ।”
संबंधित पद
- याकूब 2:23
और पवित्रशास्त्र का यह लेख पूर्ण हुआः “इब्राहीम ने परमेश्वर पर विश्वास किया और यह विश्वास उसके लिए धार्मिकता गिना गया,” तथा वह परमेश्वर का मित्र कहलाया।
- गलातियों 3:6–14
इसी प्रकार इब्राहीम ने परमेश्वर पर विश्वास किया, और यह उसके लिए धार्मिकता गिनी गई।
- रोमियों 4:9
तो क्या यह आशीष ख़तना वालों के लिए ही है या उनके लिए भी जिनका ख़तना नहीं हुआ? क्योंकि हम कहते हैं, “इब्राहीम का विश्वास उसके लिए धार्मिकता गिना गया।”
- रोमियों 4:20–25
फिर भी, परमेश्वर की प्रतिज्ञा के सम्बन्ध में, अविश्वास के कारण वह विचलित नहीं हुआ, परन्तु परमेश्वर की महिमा करते हुए विश्वास में दृढ़ हुआ,
- रोमियों 4:3–6
क्योंकि पवित्रशास्त्र क्या कहता है? “और इब्राहीम ने परमेश्वर पर विश्वास किया, और यह उसके लिए धार्मिकता गिना गया।”
- इब्रानियों 11:8
विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसे स्थान को चला गया जो उसे उत्तराधिकार में मिलने वाला था। वह नहीं जानता था कि मैं कहां जा रहा हूं, फिर भी चला गया।
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