उत्पत्ति 2:18
फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, “आदम का अकेला रहना अच्छा नही। मैं इसके लिए एक उपयुक्त सहायक बनाऊंगा”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: उत्पत्ति 2
15तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को लेकर अदन की वाटिका में रखा कि वह उसकी बागवानी आैर देख-भाल करे।
16फिर यहोवा परमेश्वर ने आदम को यह कहकर आज्ञा दीः “तू वाटिका के किसी भी पेड़ का फल बेखटके खा सकता है,
17परन्तु जो भले और बुरे के ज्ञान का वृक्ष है-उसमें से कभी न खाना, क्योंकि जिस दिन तू उसमें से खाएगा उसी दिन तू अवश्य मर जाएगा।”
18फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, “आदम का अकेला रहना अच्छा नही। मैं इसके लिए एक उपयुक्त सहायक बनाऊंगा”
19और यहोवा परमेश्वर भूमि में से प्रत्येक जाति के वन-पशु और आकाश के सब प्रकार के पक्षियों को रचकर आदम के पास ले आया कि देखें कि वह उनका क्या-क्या नाम रखता है; और आदम ने प्रत्येक जीवित प्राणी को जो नाम दिया, वही उसका नाम हो गया।
20और आदम ने सब घरेलू पशुओं, आकाश के पक्षियों, और भूमि के सब वन-पशुओं के नाम रखे, पर आदम के योग्य कोई सहायक न मिला।
21अतः यहोवा परमेश्वर ने आदम को गहरी नींद में डाल दिया, और जब वह सो रहा था तो उसने उसकी एक पसली निकालकर उसके स्थान में मांस भर दिया।
संबंधित पद
- सभोपदेशक 4:9–12
एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनको अपने परिश्रम का अच्छा प्रतिफल मिलता है।
- नीतिवचन 18:22
जो पत्नी पाता है, वह उत्तम वस्तु पाता है, और यहोवा से अनुग्रह प्राप्त करता है।
- 1 कुरिन्थियों 11:7–12
पुरष के लिए अपना सिर ढांकना उचित नहीं, क्योंकि वह परमेश्वर का प्रतिरूप और उसकी महिमा है, परन्तु स्त्री पुरष की महिमा है।
- 1 पतरस 3:7
इसी प्रकार, हे पतियो, तुम में से प्रत्येक अपनी पत्नी के साथ समझदारी से रहे, उसे निर्बल पात्र जाने, क्योंकि वह स्त्री है। वह जीवन के अनुग्रह में से संगी वारिस जानकर उसका आदर करे, जिस से तुम्हारी प्रार्थना में बाधा न पहुँचे।
- 1 तीमुथियुस 2:11–13
प्रत्येक स्त्री चुपचाप और सम्पूर्ण अधीनता से शिक्षा ग्रहण करे।
- रूत 3:1
तब उसकी सास नाओमी ने उस से कहा, “हे मेरी बेटी, क्या मैं तेरे लिए आश्रय न ढूंढूं कि तेरा भला हो?
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