हबक्कूक 2:4
देख, घमंडी का मन सीधा नहीं है, परन्तु धर्मीजन अपने विश्वास से जीवित रहेगा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: हबक्कूक 2
1मैं अपने पहरे पर खड़ा रहूंगा और गुम्मट पर चढ़कर ठहरा रहूंगा और इसकी प्रतीक्षा करूंगा कि वह मुझसे क्या कहेगा और मैं ताड़ना के समय क्या उत्तर दूंगा।
2तब यहोवा ने मुझे उत्तर दिया, “दर्शन को लिख और पटियाओं पर सफाई से अंकित कर कि संदेशवाहक उसे लेकर दौड़ सके।
3क्योंकि दर्शन एक निर्धारित समय के लिए हैं; यह शीघ्र ही समय पर पूरा होगा, और इसमें धोखा न होगा। चाहे इसमे कुछ समय लगे, फिर भी इसकी बाट जोहते रहना, क्योंकि यह निश्चय पूरा होगा, इसमें देर न होगी।
4देख, घमंडी का मन सीधा नहीं है, परन्तु धर्मीजन अपने विश्वास से जीवित रहेगा।
5फिर दाखमधु अहंकारी पुरुष को धोखा देता है जिससे वह घर में नहीं रहता। वह अधोलोक के समान अपनी लालसा बढ़ाता और मृत्यु के समान वह कभी संतुष्ट नहीं होता। वह जाति-जाति के सब लोगों को अपने पास खींच लेता और देश-देश के सब लोगों को अपने पास इकट्ठा कर लेता है।
6क्या ये सब उसका ठट्ठा न करेंगे? क्या ये उस पर ताने मार कर और उपहास करके यह न कहेंगे कि हाय उस पर, जो दूसरों के धन से धनी होता और गिरवी की वस्तुओं से अपना घर भर लेता है-पर कब तक?
7क्या तेरे ट्टणी अचानक उठ खड़े न होंगे? और तुझे कंपाने वाले जाग न उठेंगे? निश्चय, तू उनकी लूट बन जाएगा।
संबंधित पद
- रोमियों 1:17
क्योंकि इसमें परमेश्वर की धार्मिकता विश्वास से और विश्वास के लिए प्रकट होती है; जैसा कि लिखा है, “परन्तु धर्मी मनुष्य विश्वास से जीवित रहेगा।”
- इब्रानियों 10:38
मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, परन्तु यदि वह पीछे हटे तो मेरे मन को प्रसन्नता नहीं होगी।
- गलातियों 3:11–12
इसलिए यह स्पष्ट है कि व्यवस्था द्वारा परमेश्वर की दृष्टि में कोई धर्मी नहीं ठहरता, क्योंकि ‘‘धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा।’’
- गलातियों 2:16
हम जानते हैं कि मनुष्य व्यवस्था के कामों से नहीं परन्तु मसीह यीशु पर विश्वास करने से धर्मी ठहराया जाता है। इसी कारण हमने भी मसीह यीशु पर विश्वास किया है कि हम व्यवस्था के कामों से नहीं परन्तु मसीह पर विश्वास करने से धर्मी ठहराए जाएं, क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई भी मनुष्य धर्मी नहीं ठहराया जाएगा।
- यूहन्ना 3:36
जो पुत्र पर विश्वास करता है अनन्तजीवन उसका है, परन्तु वह जो पुत्र की नहीं मानता जीवन नहीं देखेगा, परन्तु परमेश्वर का प्रकोप उसपर बना रहता है।”
- 1 यूहन्ना 5:10–12
जो परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करता है, वह स्वयं में साक्षी रखता है; वह जो परमेश्वर पर विश्वास नहीं करता उसे झूठा ठहराता है, क्योंकि उसने उस साक्षी पर विश्वास नहीं किया जो परमेश्वर ने अपने पुत्र के विषय में दी है।
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