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नया नियम · इब्रानियों · अध्याय 4 / 13

इब्रानियों 4

1इसीलिए जब कि उसके विश्राम में प्रवेश करने की प्रतिज्ञा अब तक बनी हुई है तो हम सतर्क रहें, कहीं ऐसा न मालूम हो कि तुम में से कोई उस से वंचित है।

2क्योंकि वास्तव में, हमें भी उन्हीं के सदृश सुसमाचार सुनाया गया, परन्तु उस सुने हुए वचन से उन्हें कुछ लाभ न हुआ, क्योंकि सुनने वालों ने उसे विश्वास के साथ ग्रहण नहीं किया।

3अतः हम जिन्होंने विश्वास किया है, विश्राम में प्रवेश करते हैं-जिस प्रकार उसने कहा है, “जैसा कि मैंने अपने क्रोध में शपथ खाई, वे मेरे विश्राम में प्रवेश न करने पाएंगे।” तथापि उसके कार्य जगत की सृष्टि के समय से पूरे हो चुके थे।

4क्योंकि उसने सातवें दिन के विजय में कहीं इस प्रकार कहा है, “परमेश्वर ने सातवें दिन अपने सब कार्यों से विश्राम किया,”

5और फिर यह भी कहाः “वे मेरे विश्राम में प्रवेश न करने पाएंगे।”

6जबकि कुछ लोगों को इसमें प्रवेश करना ही है, और जिन्होंने पहिले उसका सुसमाचार सुना था, वे आज्ञा न मानने के कारण प्रवेश न कर सके,

7इसलिए वह फिर एक दिन अर्थात् “आज का दिन” निशिचत करता है। जैसा कि पहिले कहा जा चुका है, वह दाऊद द्वारा, बहुत समय बीतने पर, फिर कहता है, “यदि आज तुम उसकी आवाज़ सुनो, तो अपने हृदयों को कठोर न करो।”

8क्योंकि यदि यहोशू ने उन्हें विश्राम दिया होता, तो वह इसके पश्चात् आने वाले किसी और दिन की चर्चा न करता।

9इसलिए परमेश्वर के लोगों के लिए सब्त का विश्राम शेज है।

10क्योंकि जो उसके विश्राम में प्रवेश कर चुका है, वह भी अपने कार्यों से विश्राम कर चुका है जैसा कि परमेश्वर ने किया था।

11इसलिए हम भी उस विश्राम में प्रवेश करने के लिए प्रयत्नशील रहें, कहीं ऐसा न हो कि उसी प्रकार आज्ञा न मानने के कारण किसी व्यक्ति का पतन हो जाए।

12क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, प्रबल और किसी भी दोधारी तलवार से तेज़ है। वह प्राण और आत्मा, जोड़ों और गूदे, दोनों को आरपार बेधता और मन के विचारों तथा भावनाओं को परखता है।

13जिसको हमें लेखा देना है, उसकी दृष्टि में कोई भी प्राणी छिपा नही। उसकी आंखों के सामने सब कुछ खुला और नग्न है।

14जबकि हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है जो स्वर्गों में से होकर गया, अर्थात् परमेश्वर का पुत्र यीशु, तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामे रहे।

15क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं जो हमारी निर्बलताओं में हमसे सहानुभूति न रख सके। वह तो सब बातों में हमारे ही समान परखा गया, फिर भी निज्पाप निकला।

16अतः हम साहस के साथ अनुग्रह के सिंहासन के निकट आएं कि हम पर दया हो और अनुग्रह पाएं कि आवश्यकता के समय हमारी सहायता हो।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)