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यशायाह 11:1

तब यिशै के ठूंठ में से एक अंकुर फूट निकलेगा, हां, उसकी जड़ में से एक शाखा निकलकर फलवन्त होगी।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: यशायाह 11

1तब यिशै के ठूंठ में से एक अंकुर फूट निकलेगा, हां, उसकी जड़ में से एक शाखा निकलकर फलवन्त होगी।

2तब यहोवा का आत्मा, बुद्धि और समझ का आत्मा, युक्ति और पराक्रम का आत्मा वरन् ज्ञान और यहोवा के भय का आत्मा उस पर छाया रहेगा।

3और वह यहोवा का भय मानने में हर्षित होगा, और वह न तो मुंह देखा न्याय करेगा, और न कानों से सुनकर निर्णय लेगा;

4परन्तु वह कंगालों का न्याय धार्मिकता से, और पृथ्वी के पीड़ितों का न्याय खराई से करेगा; और वह पृथ्वी को अपने वचन-रूपी सोंटे से मारेगा; वह दुष्ट को अपने मुंह की फूंक से मिटा देगा।

पूरा अध्याय पढ़ें: यशायाह 11

संबंधित पद

  • यिर्मयाह 23:5

    यहोवा की वाणी है, “देखो, वे दिन आने वाले हैं जब मैं दाऊद के कुल से एक धर्मी अंकुर उगाऊंगा। वह राजा बनकर राज्य करेगा, और बुद्धिमानी से कार्य करेगा। वह देश में न्याय और धार्मिकता से शासन करेगा।

  • प्रकाशितवाक्य 22:16

    “मुझ यीशु ने अपने स्वर्गदूत को भेजा है कि वह तुम्हें कलीसियाओं के लिए इन बातों कि साक्षी दे। मैं दाऊद का मूलवंश और भोर का चमकता हुआ तारा हूू।”

  • जकर्याह 6:12

    उसके बाद उससे कहः सेनाओं का यहोवा यों कहता हैः उस मनुष्य को देख जिसका नाम शाख है क्योंकि वह वहां से फूट निकलेगा जहां वह है, और वही यहोवा के मन्दिर को बनाएगा।

  • प्रकाशितवाक्य 5:5

    तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझ से कहा, “मत रो! देख, यहूदा के कुल का वह सिंह जो दाऊद का मूल है, विजयी हुआ है, कि इस पुस्तक को और उसकी सात मुहरों को खोले।”

  • प्रेरितों के काम 13:22–23

    फिर उसे हटाने के पश्चात् उसने दाऊद को उनका राजा बनाया, जिसके विषय में उसने साक्षी दी और कहा, ‘मुझे एक मनुष्य यिशै का पुत्र दाऊद मिला है जो मेरे मन के अनुसार है, और जो मेरी सारी इच्छाएं पूरी करेगा।’

  • यिर्मयाह 33:15

    उन्हीं दिनों में और उसी समय मैं दाऊदवंशी एक धर्मी डाली को प्रस्फुटित करूंगा और वह पृथ्वी पर न्याय और धार्मिकता के कार्य करेगा।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).