यिर्मयाह 32:17
“हे प्रभु यहोवा, देख, तूने आकाश और पृथ्वी को अपने बड़े सामर्थ्य और अपनी बढ़ाई हुई भुजा से रचा है! तेरे लिए कुछ भी कठिन नही।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: यिर्मयाह 32
14इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है, “इन बैनामों को अर्थात् मुहर लगे खरीददारी के बैनामें तथा खुले बैनामें दोनों को लेकर मिट्टी के मटके में डाल दे कि ये बहुत दिनों तक सुरक्षित रहे।”
15क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है, “मकान, खेत और दाख की बारियां फिर से इस देश में खरीदी जाएंगी।”
16नेरिय्याह के पुत्र बारूक को खरीददारी के बैनामों को देने के पश्चात् मैंने यहोवा से यह प्रार्थना की,
17“हे प्रभु यहोवा, देख, तूने आकाश और पृथ्वी को अपने बड़े सामर्थ्य और अपनी बढ़ाई हुई भुजा से रचा है! तेरे लिए कुछ भी कठिन नही।
18तू हजारों पर करफ़णा करता है परन्तु पूर्वजों के अधर्म का बदला उनके बाद उनके वंशजों को देता है। हे महान् और पराक्रमी परमेश्वर, तेरा नाम सेनाओं का यहोवा है।
19तू युक्ति करने में महान् और कार्य करने में सामर्थी है। तेरी दृष्टि मनुष्य के पुत्रों के समस्त चाल-चलन पर लगी रहती है और तू प्रत्येक को उसके चाल-चलन और उसके कार्यों के अनुसार ही प्रतिफल देता है।
20तूने मिस्र में चिह्न और चमत्कार दिखाए और आज भी तू इस्राएलियों तथा सब मनुष्यों के मध्य वैसा ही करता है; इस प्रकार तूने अपने लिए ऐसा नाम किया है जो आज भी बना है।
संबंधित पद
- लूका 1:37
क्योंकि परमेश्वर के लिए कुछ भी असम्भव नहीं है।”
- यिर्मयाह 32:27
“देख, मैं सब प्राणियों का परमेश्वर यहोवा हूं, क्या मेरे लिए कोई काम कठिन है?”
- उत्पत्ति 18:14
क्या यहोवा के लिए कुछ भी असम्भव है? मैं निर्धारित समय पर अर्थात् अगले वर्ष इसी समय तेरे पास फिर आऊंगा-और सारा की गोद में एक पुत्र होगा।”
- अय्यूब 42:2
“मैं जानता हूं कि तू सब कुछ कर सकता है, तथा तेरी कोई युक्ति विफल नहीं की जा सकती।
- मत्ती 19:26
यीशु ने उनकी ओर देखकर कहा, “मनुष्यों के लिए यह असम्भव है, परन्तु परमेश्वर के लिए सब कुछ सम्भव है।”
- निर्गमन 20:11
क्योंकि यहोवा ने छः दिन में आकाश और पृथ्वी, समुद्र और जो कुछ उनमें है, सबको बनाया और सातवें दिन विश्राम किया, इसलिए यहोवा ने विश्रामदिन को आशीष दी और उसे पवित्र ठहराया।
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