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यूहन्ना 3:17

क्योंकि परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिए नहीं भेजा कि जगत को दोषी ठहराए, परन्तु इसलिए कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: यूहन्ना 3

14और जैसा मूसा ने जंगल में सांप को ऊँचा उठाया, उसी प्रकार अवश्य है कि मनुष्य का पुत्र भी ऊँचा उठाया जाए,

15कि जो कोई विश्वास करे वह उसमें अनन्त जीवन पाए।

16“क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम किया कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, कि जो कोई उस पर विश्वास करे वह नष्ट न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।

17क्योंकि परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिए नहीं भेजा कि जगत को दोषी ठहराए, परन्तु इसलिए कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।

18जो उस पर विश्वास करता है वह दोषी नहीं ठहराया जाता। जो विश्वास नहीं करता वह दोषी ठहराया जा चुका है, क्योंकि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया।

19और दोष यह है, कि ज्योति जगत में आ चुकी है, परन्तु मनुष्यों ने ज्योति की अपेक्षा अंधकार को अधिक प्रिय जाना, क्योंकि उनके कार्य बुरे थे।

20क्योंकि प्रत्येक जो बुराई करता है, ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के पास नहीं आता कि कहीं उसके कार्य प्रकट न हो जाए।

पूरा अध्याय पढ़ें: यूहन्ना 3

संबंधित पद

  • 1 यूहन्ना 4:14

    हमने उसे देखा है, और साक्षी देते हैं कि पिता ने पुत्र को संसार का उद्धारकर्ता कर के भेजा।

  • लूका 19:10

    मनुष्य का पुत्र तो खोए हुओं को ढूंढ़ने और उनका उद्धार करने आया है।”

  • यूहन्ना 12:47–48

    यदि कोई मेरी बातें सुनकर उनका पालन न करे तो मैं उसे दोषी नहीं ठहराता, क्योंकि मैं जगत को दोषी ठहराने नहीं, वरन् जगत का उद्धार करने आया हूँ।

  • यूहन्ना 6:57

    जिस प्रकार जीवित पिता ने मुझे भेजा, और मैं पिता के कारण जीवित हूँ, उसी प्रकार वह भी जो मुझे खाता है मेरे कारण जीवित रहेगा।

  • यूहन्ना 6:40

    क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है कि प्रत्येक जो पुत्र को देखता है, और उसपर विश्वास करता है, वह अनन्त जीवन पाए, और मैं स्वयं अन्तिम दिन उसे जिला उठाऊंगा।”

  • 1 तीमुथियुस 2:5–6

    क्योंकि परमेश्वर एक ही है और परमेश्वर तथा मनुष्यों के बीच एक ही मध्यस्थ भी है, अर्थात् मसीह यीशु, जो मनुष्य है।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).