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यहोशू 24:15

यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे तो आज ही चुन लो कि तुम किसकी सेवा करोगेः उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पूर्वज फरात नदी के उस पार करते थे, या एमोरियों के देवताओं की जिनके देश में तुम रहते हो। परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा ही की सेवा करूंगा।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: यहोशू 24

12तब मैंने तुम्हारे आगे-आगे बर्र भेजे जिन्होंने एमोरियों के दोनों राजाओं को तुम्हारे सामने से भगा दिया। यह तुम्हारी तलवारों अथवा तुम्हारे तीरों से नहीं हुआ।

13मैंने तुमको ऐसी भूमि दी जिस पर तुमने परिश्रम नहीं किया था, और ऐसे नगर दिए जिनको तुमने नहीं बसाया था और तुम उन्हीं में निवास करते हो; जो दाख और जैतून के बगीचे तुमने नहीं लगाए उन्हीं के फल खाते हो।

14“इसलिए, अब यहोवा का भय मानो, और उसकी सेवा खराई और सच्चाई से करो। तुम्हारे पूर्वज फरात नदी के उस पार तथा मिस्र देश में जिन देवताओं की सेवा करते थे उनको त्यागकर यहोवा की सेवा करो।

15यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे तो आज ही चुन लो कि तुम किसकी सेवा करोगेः उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पूर्वज फरात नदी के उस पार करते थे, या एमोरियों के देवताओं की जिनके देश में तुम रहते हो। परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा ही की सेवा करूंगा।”

16तब लोगों ने उत्तर दियाः “ऐसा कदापि न हो कि हम यहोवा को त्यागकर अन्य देवताओं की सेवा करें,

17क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा वही है जो हमें और हमारे पूर्वजों को मिस्र देश, अर्थात् दासत्व के घर से बाहर निकाल लाया, जिसने हमारे देखते बड़े-बड़े आश्चर्यकर्म किए, और जिस-जिस मार्ग से होकर हम चले तथा जिन-जिन जातियों के देशों से होकर निकले उनमें हमारी रक्षा की।

18यहोवा ने हमारे सामने से सब जातियों को यहां तक कि इस देश में रहनेवाले एमोरियों को भी निकाल दिया। हम भी यहोवा की सेवा करेंगे क्योंकि वही हमारा परमेश्वर है।”

पूरा अध्याय पढ़ें: यहोशू 24

संबंधित पद

  • 1 राजा 18:21

    और एलिय्याह ने सब लोगों के समीप आकर कहा, “तुम कब तक दो विचारों में लटके रहोगे? यदि यहोवा ही परमेश्वर हो तो उसके पीछे हो लो, और यदि बाल हो तो उसके पीछे हो लो।” परन्तु लोगों ने उसके उत्तर में एक भी बात न कही।

  • यूहन्ना 6:67–68

    इसलिए यीशु ने उन बारहों से कहा, “क्या तुम भी चले जाना चाहते हो?”

  • रूत 1:15–16

    तब उसने कहा, “देख, तेरी जेठानी तो अपने लोगों और अपने देवताओं के पास लौट गई है। अपनी जेठानी के पीछे लौट जा।”

  • व्यवस्थाविवरण 29:18

    कहीं ऐसा न हो कि तुममें कोई ऐसा पुरफ़ष या स्री हो, अथवा परिवार या गोत्र हो जिसका मन आज हमारे परमेश्वर यहोवा से फिर जाए और वह जाकर उन जातियों के देवताओं की उपासना करे, और ऐसा न हो कि तुम्हारे मध्य कोई ऐसी जड़ हो जो विषैला फल तथा नागदौना उत्पन्न करे।

  • यहेजकेल 20:39

    प्रभु यहोवा यों कहता है, “हे इस्राएल के घराने, तुम सब जाकर अपनी-अपनी मूर्ति की पूजा करो, परन्तु बाद में निश्चय ही तुम मेरी सुनोगे और अपनी भेंटों और अपनी मूर्तियों के द्वारा मेरे पवित्र नाम को फिर अपवित्र न करोगे।

  • प्रेरितों के काम 11:23

    जब उसने वहां पहुंच कर परमेश्वर के अनुग्रह को देखा तो वह आनन्दित हुआ तथा उन सब को प्रोत्साहित करने लगा कि वे सम्पूर्ण हृदय से प्रभु के प्रति विश्वासयोग्य बने रहे।

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