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लूका 1:37

क्योंकि परमेश्वर के लिए कुछ भी असम्भव नहीं है।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: लूका 1

34मरियम ने स्वर्गदूत से कहा, “यह कैसे हो सकता है, क्योंकि मैं तो कुँवारी ही हूँ?

35स्वर्गदूत ने उससे कहा, “पवित्र आत्मा तुझ पर उतरेगा और परमप्रधान का सामर्थ्य तुझपर आच्छादित होगा। इसी कारण वह पवित्र जो उत्पन्न होगा, परमेश्वर का पुत्र कहलाएगा।

36देख, तेरी कुटुम्बिनी इलीशिबा से भी इस बुढ़ापे में एक पुत्र होने वाला है और यह उसका, जो बांझ कहलाती थी, छठा महीना है।

37क्योंकि परमेश्वर के लिए कुछ भी असम्भव नहीं है।”

38मरियम ने कहा, “देख, मैं तो प्रभु की दासी हूँ। तेरे वचन के अनुसार ही मेरे साथ हो।” तब स्वर्गदूत उसके पास से चला गया।

39तब उन्हीं दिनों में मरियम उठकर शीघ्रता से पहाड़ी प्रदेश में यहूदा के एक नगर में गई,

40और जकरयाह के घर में प्रवेश करके उसने इलीशिबा को नमस्कार किया।

पूरा अध्याय पढ़ें: लूका 1

संबंधित पद

  • मत्ती 19:26

    यीशु ने उनकी ओर देखकर कहा, “मनुष्यों के लिए यह असम्भव है, परन्तु परमेश्वर के लिए सब कुछ सम्भव है।”

  • यिर्मयाह 32:27

    “देख, मैं सब प्राणियों का परमेश्वर यहोवा हूं, क्या मेरे लिए कोई काम कठिन है?”

  • मरकुस 10:27

    यीशु ने उनकी ओर देखकर कहा, “मनुष्यों के लिए यह असम्भव है, परन्तु परमेश्वर के लिए नहीं; क्योंकि परमेश्वर के लिए सब कुछ सम्भव है।”

  • यिर्मयाह 32:17

    “हे प्रभु यहोवा, देख, तूने आकाश और पृथ्वी को अपने बड़े सामर्थ्य और अपनी बढ़ाई हुई भुजा से रचा है! तेरे लिए कुछ भी कठिन नही।

  • लूका 18:27

    परन्तु उसने कहा, “जो बातें मनुष्य के लिए असम्भव हैं, वे परमेश्वर के लिए सम्भव है।”

  • उत्पत्ति 18:14

    क्या यहोवा के लिए कुछ भी असम्भव है? मैं निर्धारित समय पर अर्थात् अगले वर्ष इसी समय तेरे पास फिर आऊंगा-और सारा की गोद में एक पुत्र होगा।”

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).