नीतिवचन 13:20
जो बुद्धिमान के साथ संगति करता है, वह बुद्धिमान हो जाता है, परन्तु मूर्खों का साथी, हानि उठाता है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: नीतिवचन 13
17दुष्ट संदेशवाहक संकट में पड़ता है, परन्तु विश्वसनीय दूत सुखद समाचार लाता है।
18जो मनुष्य शिक्षा की उपेक्षा करता है, उस पर दरिद्रता और लज्जा आ पड़ती है, परन्तु जो ताड़ना का आदर करता है, वह सम्मानित होता है।
19इच्छा का पूरा होना तो प्राण को मधुर लगता है, परन्तु बुराई को छोड़ देना मूर्ख को घृणित लगता है।
20जो बुद्धिमान के साथ संगति करता है, वह बुद्धिमान हो जाता है, परन्तु मूर्खों का साथी, हानि उठाता है।
21विपत्ति पापियों का पीछा करती है, परन्तु धर्मियों को प्रतिफल में सुख-समृद्धि मिलती है।
22भला मनुष्य अपने नाती-पोतों के लिए धन-सम्पत्ति छोड़ जाता है, परन्तु पापियों का धन धर्मियों के लिए होता है।
23दरिद्र की परती भूमि पर बहुतायत से अन्न होता है, परन्तु वह अन्याय के द्वारा हड़प लिया जाता है।
संबंधित पद
- 1 कुरिन्थियों 15:33–34
धोखा न खाओः ‘‘बुरी संगति अच्छे चरित्र को भ्रष्ट कर देती है।’’
- नीतिवचन 15:31
जिसके कान जीवनदायिनी ताड़ना को सुनते हैं, वह बुद्धिमानों के मध्य निवास करेगा।
- नीतिवचन 9:6
अपनी मूढ़ता छोड़कर जीवित रहो, और समझ के मार्ग में आगे बढ़ो।”
- 2 कुरिन्थियों 6:14–18
अविश्वासियों के साथ असमान जुए में न जुतो, क्योंकि धार्मिकता का अधर्म से क्या मेल? या ज्योति की अन्धकार से क्या संगति?
- प्रकाशितवाक्य 18:4
फिर मैंने स्वर्ग से एक और -शब्द को यह कहते सुना, “हे मेरे लोगो, उसमें से निकल आओं, जिससे कि तुम उसके पापों के सहभागी न बनो और तुम पर उसकी विपत्तियां न आ पड़ें,
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