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नीतिवचन 21:1

यहोवा के हाथ में राजा का हृदय तो जल की नालियों के समान ही है, वह उसे जहां चाहता है मोड़ लेता है।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: नीतिवचन 21

1यहोवा के हाथ में राजा का हृदय तो जल की नालियों के समान ही है, वह उसे जहां चाहता है मोड़ लेता है।

2प्रत्येक मनुष्य की दृष्टि में अपना ही चाल-चलन तो ठीक जान पड़ता है, परन्तु यहोवा हृदय को जाँचता है।

3धार्मिकता का आचरण और न्याय करना यहोवा को बलिदान से अधिक ग्रहणयोग्य है।

4चढ़ी आँखें, अहंकारी हृदय- दुष्टों की खेती-पाप है।

पूरा अध्याय पढ़ें: नीतिवचन 21

संबंधित पद

  • नीतिवचन 16:9

    मनुष्य अपने हृदय में युक्तियां बनाता है, परन्तु यहोवा ही उसके पग को निश्चित करता है।

  • एज्रा 6:22

    और वे सात दिन तक अख़मीरी रोटी का पर्व बड़े आनन्द के साथ मनाते रहे, क्योंकि यहोवा ने उनको आनन्दित किया था, और अश्शूर के राजा का मन उनकी ओर ऐसा फेर दिया था कि परमेश्वर अर्थात् इस्राएल के परमेश्वर के भवन के कार्य में वह उनकी सहायता करे।

  • नीतिवचन 20:24

    मनुष्य के कदम यहोवा ही निश्चित करता है, तब मनुष्य कैसे अपना मार्ग समझ सकता है?

  • प्रेरितों के काम 7:10

    परमेश्वर ने उसे समस्त संकटों से छुड़ाकर मिस्र के राजा पि़फ़रौन की दृष्टि में अनुग्रह तथा बुद्धि प्रदान की। तब राजा ने उसे मिस्र तथा अपने सम्पूर्ण घराने पर अधिकारी ठहराया।

  • नीतिवचन 16:1

    मनुष्य अपने हृदय में युक्तियां बनाता है, परन्तु उनका सफल होना यहोवा की ओर से होता है।

  • एज्रा 7:27–28

    हमारे पूर्वजों का परमेश्वर यहोवा धन्य हो, जिसने राजा के हृदय में ऐसी बात डाली है कि वह यहोवा के भवन को जो यरूशलेम में है, संवारे;

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).