भजन संहिता 127:3
देखो, बच्चे यहोवा के दिये हुए दान हैं, गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: भजन संहिता 127
1यात्रा का गीत। सुलैमान का। यदि घर को यहोवा ही न बनाए, तो बनाने वाले व्यर्थ परिश्रम करते है। जब तक यहोवा ही नगर की रक्षा न करे, तो पहरेदार का जागना व्यर्थ है।
2तुम्हारा तड़के उठना, देर से विश्राम करना, और परिश्रम की रोटी खाना, तुम्हारे लिए व्यर्थ है, क्योंकि वह अपने प्रियों को तो यूं ही नींद प्रदान करता है।
3देखो, बच्चे यहोवा के दिये हुए दान हैं, गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।
4जैसे वीर के हाथ में तीर, वैसे ही जवानी की सन्तान होती है।
5क्या ही धन्य है वह पुरुष जिसका तरकश उनसे भरा है! जब वे फाटक पर अपने शत्रुओं से बातें करेंगे तो लज्जित न होंगे।
संबंधित पद
- व्यवस्थाविवरण 28:4
धन्य हो तेरी सन्तान, और तेरी भूमि की उपज, तेरे पशुओं के बच्चे, तेरे मवेशियों की बढ़ती, तेरे रेवड़ के मेमने।
- उत्पत्ति 48:4
और उसने मुझसे कहा, ‘देख, मैं तुझे फुला-फला कर अत्यन्त बढ़ाऊंगा और मैं तुझे जातियों का मूल बनाऊंगा और तेरे पश्चात् तेरे वंशजों को यह देश सदा के लिए उनकी निज भूमि होने के लिए दे दूंगा।’
- उत्पत्ति 33:5
और उसने अपनी आंखें उठाकर स्त्रियों और बच्चों को देखा और पूछा, “ये तेरे साथ कौन हैं?” उसने कहा, “ये तेरे दास के बच्चे हैं जिन्हें परमेश्वर ने अनुग्रह करके दिया है।”
- यशायाह 8:18
देख, मैं और जो बच्चे यहोवा ने मुझे दिए हैं, सिय्योन पर्वत पर निवास करने वाले यहोवा की ओर से इस्राएल में चिह्न और चमत्कार के लिए है।
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