पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 139 / 150
भजन संहिता 139
1हे यहोवा, तूने मुझे जांचकर जान लिया है।
2तू मेरा उठना-बैठना दोनों जानता है; तू मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
3तू मेरे चलने और मेरे लेटने की छानबीन करता है, और मेरे सारे चाल-चलन से भली-भांति परिचित है।
4इसके पूर्व कि कोई बात मेरी जीभ पर आए, हे यहोवा, तू उसे पूरी रीति से जानता है।
5तूने मुझे आगे-पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखा है।
6यह ज्ञान तो मेरे लिए अत्यन्त अद्भुत है; यह बहुत गम्भीर और मेरी समझ से परे है।
7मैं तेरे आत्मा से भागकर कहां जाऊ? अथवा तेरी उपस्थिति से कहां भागूं?
8यदि मैं आकाश पर चढ़ जाऊं, तो तू वहां है; यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछा लूं, तो देख, तू वहां भी है।
9यदि मैं भोर के पंख लगाकर उड़ जाऊं, यदि मैं समुद्र के छोर पर जा बसूं,
10तो वहां भी तेरा हाथ मेरी अगुवाई करेगा, और तेरा दाहिना हाथ मुझे थामे रहेगा।
11यदि मैं कहूं, “निश्चय अन्धकार मुझे छिपा लेगा, मेरे चारों ओर का प्रकाश रात्रि बन जाएगा,”
12फिर भी अन्धकार तेरे लिए अन्धकार नहीं, और रात्रि दिन के तुल्य प्रकाशमान है; तेरे लिए तो अन्धकार और प्रकाश दोनों एक समान है।
13क्योंकि तूने मेरे भीतरी अंगों को बनाया है, तूने मुझे मां के गर्भ में रचा है।
14मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, क्योंकि मैं भयानक और अद्भुत रीति से बनाया गया हूं; तेरे काम तो अद्भुत हैं, और मेरा मन इसे भली-भांति जानता है।
15जब मैं गुप्त में बनाया और पृथ्वी की गहराइयों में निपुणता से रचा जाता था, तब मेरी हड्डियां तुझसे छिपी न थी।
16तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे लिए जो दिन नियुक्त किए गए थे, वे सब तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे जबकि उनमें से एक का भी अस्तित्व न था।
17हे परमेश्वर, मेरे लिए तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा महान् है!
18यदि मैं उनको गिनूं तो वे बालू के कणों से भी अधिक होंगे। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे साथ रहता हू।
19हे परमेश्वर, भला हो कि तू दुष्ट को घात करे; इसलिए हे हत्यारों, मुझसे दूर हो जाओ!
20क्योंकि वे तेरे विरोध में दुष्टता की बात बोलते, और तेरे शत्रु तेरा नाम व्यर्थ लेते है।
21हे यहोवा, क्या मैं तेरे बैरियों से बैर नहीं रखता? और तेरे विरोधियों के विमुख नहीं रहता?
22मैं उनसे अत्यधिक घृणा करता हूं; वे मेरे शत्रु बन गए है।
23हे परमेश्वर, मुझे जांचकर मेरे हृदय को जान ले; मुझे परख और मेरी चिन्ताओं को जान ले;
24और देख कि मुझमें कोई बुरी चाल है कि नहीं, और आनन्द के मार्ग में मेरी अगुवाई कर।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)