पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 16 / 150
भजन संहिता 16
1दाऊद का मिक्ताम। हे परमेश्वर, मुझे सुरक्षित रख, क्योंकि मैं तेरी शरण लेता हू।
2मैंने यहोवा से कहा, “तू मेरा प्रभु है; तुझे छोड़ मेरी भलाई कहीं नही।”
3पृथ्वी पर पवित्र लोग जो हैं, ये तो वे महिमामय जन हैं जिनसे मैं अति प्रसन्न हू।
4जो पराए देवताओं के पीछे भागते हैं, उनका दुख कई गुना बढ़ जाएगा। मैं उनके लिए लहू का अर्घ नहीं चढ़ाऊंगा, न उनका नाम होंठों से ही लूंगा।
5यहोवा मेरी मीरास का भाग और मेरा प्याला है; तू मेरे भाग को सम्भालता है।
6मेरे लिए माप की डोरी सुहावने स्थानों पर ही पड़ी; मेरी मीरास वास्तव में मनभावनी है।
7मैं यहोवा को धन्य कहूंगा, जिसने मुझे सम्मति दी है, वरन् मेरा मन भी रात को मुझे शिक्षा देता है।
8मैंने यहोवा को निरन्तर अपने सम्मुख रखा है; इसलिए कि वह मेरे दाहिने हाथ रहता है, मैं कभी न डगमगाऊंगा।
9इसलिए मेरा हृदय आनन्दित और मेरा मन मग्न है, मेरी देह भी चैन से रहेगी
10क्योंकि तू मेरे प्राण को अधोलोक में न छोड़ेगा, न अपने पवित्र जन को सड़ने देगा।
11तू मुझे जीवन का मार्ग दिखाएगा, तेरी उपस्थिति में आनन्द की भरपूरी है; तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)