रोमियों 10:9
कि यदि तू अपने मुख से यीशु को प्रभु जान कर अंगीकार करे, और अपने मन में यह विश्वास करे कि परमेश्वर ने उसे मृतकों में से जीवित किया तो तू उद्धार पाएगा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: रोमियों 10
6परन्तु वह धार्मिकता जो विश्वास पर आधारित है, इस प्रकार कहती है, “अपने मन में यह न कहना, ‘स्वर्ग पर कौन चढ़ेगा?’ -अर्थात् मसीह को नीचे लाने के लिए-
7या ‘अधोलोक में कौन उतरेगा?’-अर्थात् मसीह को मृतकों में से जिला कर ऊपर लाने के लिए”-
8परन्तु वह क्या कहती है? “वचन तेरे निकट है; यह तेरे मुंह में और तेरे हृदय में है,” अर्थात् विश्वास का वह वचन जिसका हम प्रचार करते हैं,
9कि यदि तू अपने मुख से यीशु को प्रभु जान कर अंगीकार करे, और अपने मन में यह विश्वास करे कि परमेश्वर ने उसे मृतकों में से जीवित किया तो तू उद्धार पाएगा।
10मनुष्य जब हृदय से विश्वास करता है तो उसका परिणाम धार्मिकता होता है, और जब वह मुंह से अंगीकार करता है तो उसका परिणाम उद्धार होता है।
11क्योंकि पवित्रशास्त्र कहता है, “जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह लज्जित न होगा।”
12क्योंकि यहूदी और यूनानी में कोई अन्तर नहीं है, एक ही प्रभु सबका प्रभु है, और उन सब के प्रति जो उसको पुकारते हैं अत्यन्त उदार है।
संबंधित पद
- लूका 12:8
मैं तुमसे कहता हूँ जो मनुष्यों के सामने मुझे स्वीकार करेगा, मनुष्य का पुत्र भी उसे परमेश्वर के स्वर्गदूतों के सामने स्वीकार करेगा।
- प्रेरितों के काम 16:31
उन्होंने कहा, ‘‘प्रभु यीशु पर विश्वास कर तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा”
- फिलिप्पियों 2:11
और परमेश्वर पिता की महिमा के लिए प्रत्येक जीभ अंगीकार करे कि यीशु मसीह ही प्रभु है।
- मत्ती 10:32–33
अतः प्रत्येक जो मनुष्यों के सम्मुख मुझे स्वीकार करेगा, मैं भी उसे अपने पिता के सम्मुख जो स्वर्ग में है, स्वीकार करूंगा।
- 1 यूहन्ना 4:2–3
परमेश्वर के आत्मा को तुम इससे जान सकते होः प्रत्येक आत्मा जो यह मानती है कि यीशु मसीह देह-धारण कर के आया है, वह परमेश्वर की ओर से है;
- 1 पतरस 1:21
तुम उसके द्वारा परमेश्वर में विश्वासी हो। परमेश्वर ने उसे मृतकों में से जिलाया और महिमा दी-इस लिए तुम्हारा विश्वास और आशा परमेश्वर पर है।
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