जकर्याह 4:6
फिर उसने मुझसे कहा, “जरुब्बाबेल के लिए यहोवा का वचन यह हैः ‘न बल से न शक्ति से, परन्तु मेरे आत्मा के द्वारा,’ सेनाओं का यहोवा यही कहता है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: जकर्याह 4
3उसके पास जैतून के दो वृक्ष भी हैं, एक तो कटोरे की दाहिनी ओर तथा दूसरा बाईर्ं ओर।”
4तब जो स्वर्गदूत मुझसे बात कर रहा था उससे मैंने पूछा, “हे मेरे प्रभु, ये क्या हैं?”
5अतः जो स्वर्गदूत मुझसे बात कर रहा था उसने मुझे उत्तर दिया, “क्या तू नहीं जानता कि ये क्या हैं?” तो मैंने कहा, “नहीं, मेरे प्रभु।”
6फिर उसने मुझसे कहा, “जरुब्बाबेल के लिए यहोवा का वचन यह हैः ‘न बल से न शक्ति से, परन्तु मेरे आत्मा के द्वारा,’ सेनाओं का यहोवा यही कहता है।
7‘हे महापर्वत, तू क्या है? जरुब्बाबेल के सामने तू मैदान बन जाएगा, और जब वह भवन की चोटी का पत्थर लगाने वाला होगा तब “धन्य हो; धन्य हो!” की पुकार गूंज उठेगी।’”
8यहोवा का यह वचन भी मेरे पास पहुंचा,
9“इस भवन की नींव जरुब्बाबेल के हाथों ने डाली है, और उसी के हाथ इसको पूरा करेंगे। तब तू जानेगा कि सेनाओं के यहोवा ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।
संबंधित पद
- 2 इतिहास 32:7–8
“साहस रखो और दृढ़ रहो। अश्शूर के राजा और उस बड़ी भीड़ से जो उसके साथ है न तो तुम डरो और न निराश होओ, क्योंकि वह जो हमारे साथ है वह उससे बड़ा है जो उसके साथ है।
- 2 कुरिन्थियों 10:4–5
क्योंकि हमारे युद्ध के हथियार शारीरिक नहीं परन्तु गढ़ों को धवस्त करने के लिए ईशवरीय सामर्थ्य से परिपूर्ण है।
- 1 कुरिन्थियों 2:4–5
मेरा सन्देश और मेरा प्रचार ज्ञान के लुभाने वाले शब्दों में नहीं था, परन्तु आत्मा और सामर्थ्य के प्रमाण में था,
- यशायाह 11:2–4
तब यहोवा का आत्मा, बुद्धि और समझ का आत्मा, युक्ति और पराक्रम का आत्मा वरन् ज्ञान और यहोवा के भय का आत्मा उस पर छाया रहेगा।
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