1 तीमुथियुस 2:5
क्योंकि परमेश्वर एक ही है और परमेश्वर तथा मनुष्यों के बीच एक ही मध्यस्थ भी है, अर्थात् मसीह यीशु, जो मनुष्य है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: 1 तीमुथियुस 2
2विशेज रूप से राजाओं और सब पदाधिकारियों के लिए, जिससे कि हम चैन और शान्ति सहित, पूर्ण भक्ति तथा गम्भीरता के साथ जीवन व्यतीत कर सके।
3यह हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर की दृष्टि में भला और ग्रहणयोग्य है,
4जो यह चाहता है कि सब लोग उद्धार प्राप्त करें और सत्य को जाने।
5क्योंकि परमेश्वर एक ही है और परमेश्वर तथा मनुष्यों के बीच एक ही मध्यस्थ भी है, अर्थात् मसीह यीशु, जो मनुष्य है।
6जिसने अपने आपको सब की फिरौती के दाम में दे दिया और इसकी साक्षी उचित समय पर दी गई।
7मैं सत्य कहता हूं, झूठ नहीं बोलता, कि इसी अभिप्राय से मैं प्रचारक, प्रेरित और ग़ैरयहूदियों के लिए विश्वास और सत्य का उपदेशक ठहराया गया।
8इसलिए मैं चाहता हूं कि हर स्थान पर पुरफ़ज, बिना क्रोध और विवाद के, पवित्र हाथों को उठा कर प्रार्थना करे।
संबंधित पद
- 1 कुरिन्थियों 8:6
फिर भी हमारे लिए तो एक ही परमेश्वर है, अर्थात् पिता, जिसकी ओर से सब कुछ है और जिसके लिए हम भी है। एक ही प्रभु यीशु मसीह है, जिसके द्वारा सब कुछ हुआ और जिसके द्वारा हम भी है।
- गलातियों 3:20
मध्यस्थ कम से कम दो के बीच होता है, परन्तु परमेश्वर तो एक ही है।
- इब्रानियों 9:15
और इसी कारण वह नई वाचा का मध्यस्थ है, जिससे कि उस मृत्यु के द्वारा जो प्रथम वाचा के अन्तर्गत किए गए अपराधों का मूल्य चुकाने के लिए हुई, वे जो बुलाए गए हैं अनन्त उत्तराधिकार की प्रतिज्ञा को प्राप्त कर सके।
- इब्रानियों 7:25
अतः जो उसके द्वारा परमेश्वर के समीप आते हैं, वह उनका पूरा पूरा उद्धार करने में समर्थ है, क्योंकि वह उनके लिए निवेदन करने को सर्वदा जीवित है।
- व्यवस्थाविवरण 6:4
“हे इस्राएल सुन! यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है।
- इब्रानियों 12:24
तथा नई वाचा के मध्यस्थ यीशु के, और छिड़काव के उस लहू के पास आए हो जो हाबिल के लहू की अपेक्षा उत्तम बातें कहता है।
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