उत्पत्ति 6:8
परन्तु यहोवा की कृपा-दृष्टि नूह पर बनी रही।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: उत्पत्ति 6
5तब यहोवा ने देखा कि पृथ्वी पर मनुष्य की दुष्टता बहुत बढ़ गई है, और उसके मन का प्रत्येक विचार निरन्तर बुरा ही होता है।
6और यहोवा पृथ्वी पर मनुष्य को बनाकर पछताया-और वह मन में अत्यन्त खेदित हुआ।
7तब यहोवा ने कहा, “मैं मनुष्य को जिसकी मैंने सृष्टि की है पृथ्वी पर से मिटा डालूंगा- मनुष्य, पशु, रेंगने वाले जन्तु, आकाश के पक्षी- सबको मिटा दूंगा, क्योंकि मैं उनको बनाने से पछताता हू।”
8परन्तु यहोवा की कृपा-दृष्टि नूह पर बनी रही।
9नूह की वंशावली यह है। नूह तो धर्मी और अपने समय के लोगों में निर्दोष व्यक्ति था। नूह परमेश्वर के साथ-साथ चला करता था।
10और नूह से तीन पुत्र उत्पन्न हुए, अर्थात् शेम, हाम, और येपेत।
11और परमेश्वर की दृष्टि में पृथ्वी भ्रष्ट हो गई थी और हिंसा से भर गई थी।
संबंधित पद
- उत्पत्ति 19:19
देख, तेरे दास पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि हुई है, और तूने अपनी दया-दृष्टि मेरे प्राण बचाकर मुझ पर प्रकट की है, परन्तु मैं पहाड़ों पर नहीं भाग सकता, कहीं ऐसा न हो कि कोई विपत्ति मुुझ पर आ पड़े और मैं मर जाऊ।
- इब्रानियों 4:16
अतः हम साहस के साथ अनुग्रह के सिंहासन के निकट आएं कि हम पर दया हो और अनुग्रह पाएं कि आवश्यकता के समय हमारी सहायता हो।
- लूका 1:30
तब स्वर्गदूत ने उससे कहा, “हे मरियम, भयभीत न हो! क्योंकि तुझपर परमेश्वर का अनुग्रह हुआ है।
- 1 कुरिन्थियों 15:10
फिर भी परमेश्वर के अनुग्रह से मैं अब जो हूं सो हूं। मेरे प्रति उसका अनुग्रह व्यर्थ नहीं ठहरा, परन्तु मैंने उन सब से बढ़कर परिश्रम किया, फिर भी मैंने नहीं, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह ने मेरे साथ मिलकर किया।
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