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यशायाह 12:2

देखो, परमेश्वर मेरा उद्धार है, मैं भरोसा रखूंगा और भयभीत न होऊंगा; क्योंकि यहोवा परमेश्वर मेरा बल और मेरेे गीतों का विषय है, और वह मेरा उद्धार बन गया है।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: यशायाह 12

1उस दिन तू कहेगा, “हे यहोवा, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, यघपि तू मुझ पर क्रोधित हुआ था परन्तु अब तेरा क्रोध शान्त हो गया है और तूने मुझे शान्ति दी है।

2देखो, परमेश्वर मेरा उद्धार है, मैं भरोसा रखूंगा और भयभीत न होऊंगा; क्योंकि यहोवा परमेश्वर मेरा बल और मेरेे गीतों का विषय है, और वह मेरा उद्धार बन गया है।”

3अतः तुम आनन्दपूर्वक उद्धार के सोतों से जल भरोगे।

4और उस दिन तुम कहोगे, “यहोवा का धन्यवाद करो, उसके नाम से प्रार्थना करो। सब जातियों में उसके कार्यों का वर्णन करो, इसकी घोषणा करो कि उसका नाम अति महान् है।”

5भजन गाकर यहोवा की स्तुति करो, क्योंकि उसने प्रतापमय कार्य किए हैं; यह समस्त पृथ्वी पर प्रकट हो।

पूरा अध्याय पढ़ें: यशायाह 12

संबंधित पद

  • निर्गमन 15:2

    याह मेरा बल और गीत है, और वह मेरा उद्धार भी ठहरा है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उसकी स्तुति करूँगा; मेरे पूर्वजों का परमेश्वर मैं उसको सराहूँगा।

  • प्रकाशितवाक्य 7:10

    और लोग ऊंची आवाज़ से पुकार कर कह रहे थे, “सिंहासन पर विराजमान हमारे परमेश्वर और मेमने से ही उद्धार है!”

  • यशायाह 26:3–4

    जिसका मन तुझमें लगा है, उसकी शान्ति तेरे द्वारा पूरी बनी रहेगी, क्योंकि उसका भरोसा तुझ पर है।

  • योना 2:9

    परन्तु मेैं धन्यवाद के गीत गा-गाकर तेरे लिए बलिदान चढ़ाऊंगा। जो मन्नत मैंने मानी है, उसे मैं पूरी करूंगा। उद्धार यहोवा ही से है।”

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).