लूका 2:14
“आकाश में परमेश्वर की महिमा, और पृथ्वी पर मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्ति हो।”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: लूका 2
11क्योंकि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिए एक उद्धारकर्ता जन्मा है और यही मसीह प्रभु है।
12और इसका तुम्हारे लिए यह चिह्न होगा कि तुम एक बच्चे को कपड़े में लिपटा और चरनी में लेटा हुआ पाओगे।”
13तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्वर्गदूतों का एक समूह परमेश्वर की स्तुति करते हुए और यह कहते हुए दिखाई दिया,
14“आकाश में परमेश्वर की महिमा, और पृथ्वी पर मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्ति हो।”
15और ऐसा हुआ कि जब स्वर्गदूत उनके पास से स्वर्ग को चले गए तो चरवाहे आपस में कहने लगे, “आओ, हम सीधे बैतलहम जाकर इस बात को जो हुई है और जिसे प्रभु ने हमपर प्रकट किया है, देखे।”
16वे शीघ्र जाकर मरियम और यूसुफ के पास पहुंचे और उन्होंने उस बच्चे को चरनी में लेटा हुआ पाया।
17यह देखकर उन्होंने वह बात प्रकट कर दी जो इस बच्चे के सम्बन्ध में उनसे कही गई थी।
संबंधित पद
- रोमियों 5:1
इसलिए विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराए जाकर अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर से हमारा मेल है।
- लूका 19:38
“धन्य है वह राजा जो प्रभु के नाम से आता है; स्वर्ग पर शान्ति और सर्वोच्च स्थान पर महिमा हो!”
- लूका 1:79
अर्थात् उनपर जो अन्धकार और मृत्यु की छाया में बैठे हैं, कि हमारे पैरों की अगुवाई शान्ति के मार्ग पर करे।”
- कुलुस्सियों 1:20
और उसके क्रूस पर बहाए गए लहू के द्वारा शान्ति स्थापित कर के उसी के द्वारा समस्त वस्तुओं का अपने साथ मेल कर ले- चाहे वे पृथ्वी पर की हों अथवा स्वर्ग में की।
- यशायाह 9:6–7
क्योंकि हमारे लिए एक बालक उत्पन्न होगा, हमें एक पुत्र दिया जाएगा; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्भुत युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा।
- इब्रानियों 13:20–21
अब शान्तिदाता परमेश्वर जिसने भेड़ों के महान् रखवाले हमारे प्रभु यीशु को सनातन वाचा के लहू द्वारा मृतकों में से जीवित कर दिया,
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